Gaza News: गाजा सिटी में इजरायली हवाई हमले में एक फिलिस्तीनी की मौत, जारी है हिंसा

गाजा पट्टी में हिंसा का दौर लगातार जारी है और हालिया हमलों में कई लोगों की जान चली गई है। 19 सितंबर 2026 को गाजा सिटी के पूर्व में हुए एक इजरायली हवाई हमले में एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई। अल जजीरा अंग्रेजी की रिपोर्ट के अनुसार, यह ताजा घटना गाजा क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और हमलों की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है, जिससे आम लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
विभिन्न इलाकों में लगातार हमले और तबाही
इसी दिन यानी 19 सितंबर को अल-रशीद स्ट्रीट पर अल-बैदार के पास एक अलग इजरायली हमले में 24 साल के मोहम्मद खालिद अल-रिफेय की मौत हो गई। इसके अलावा शेख रेडवान के अल-तकवा शरणार्थी शिविर में एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में हुजैफा अवाद की मौत हो गई और एक बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इजरायली सैन्य गतिविधियों के तहत तुफ्फाह इलाके में भारी तोपखाने और टैंक से गोलीबारी की गई, समुद्र तट से नौसेना ने गोले दागे और खान यूनिस के उत्तर में अल-कराारा के पूर्व में हेलीकॉप्टर से हमले किए गए। उत्तरी गाजा में कई इमारतों को भी जमींदोज कर दिया गया। खान यूनिस के अल-मवासी इलाके में गोलीबारी से एक फिलिस्तीनी महिला घायल हो गई, जबकि इजरायली सेना ने रफाह के अल-मवासी क्षेत्र पर भी गोलाबारी की। गाजा के अलावा रामल्लाह के उत्तर-पूर्व में स्थित अल-मुघय्यिर गांव में इजरायली उपनिवेशवादियों ने घरों पर लाइव गोलियां चलाईं।
शरणार्थी शिविरों और पुरानी घटनाओं का हाल
यह तमाम घटनाएं 18 सितंबर 2026 को हुई हिंसा के बाद सामने आईं, जब नुसीरत शरणार्थी शिविर में एक फिलिस्तीनी महिला को गोली मार दी गई थी और खान यूनिस के दक्षिण में सिर में गोली लगने से 27 साल की इमान शालौफ की मौत हो गई थी। इससे पहले 16 सितंबर को गाजा सिटी में एक इमारत ढहने की दर्दनाक घटना में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 12 बच्चे, पांच महिलाएं और दो बुजुर्ग शामिल थे, जबकि 14 अन्य लोग घायल हो गए थे। फिलिस्तीनी लोक निर्माण मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान के कारण 2,000 से अधिक इमारतें अभी भी गिरने के खतरे की जद में हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और विस्थापन का संकट
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गाजा में लगभग 21 लाख फिलिस्तीनी अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और वे इस एन्क्लेव के 40 प्रतिशत से भी कम हिस्से में सिमटकर रहने को मजबूर हैं। इन विस्थापित लोगों को चिकित्सा आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ हमास इजरायल पर युद्धविराम समझौतों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल का कहना है कि जब तक हमास अपने हथियार नहीं डालता, तब तक वह गाजा में पुनर्निर्माण के किसी भी प्रयास की अनुमति नहीं देगा।