Gaza News: इसराइल सेना ने गाजा में 'येलो लाइन' के पास दो फिलिस्तीनियों को किया ढेर, 13 साल का बच्चा भी शामिल।

गाजा पट्टी में इसराइली सेना की गोलीबारी में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है। यह घटना 3 सितंबर 2026 को उस समय घटी जब ये लोग मिलिट्री बाउंड्री 'येलो लाइन' को पार कर रहे थे। इसराइल रक्षा बल यानी IDF के अनुसार इन लोगों की गतिविधियां सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक लग रही थीं जिसके बाद सैनिकों ने उन पर गोली चला दी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और स्थानीय लोग बेहद डरे हुए हैं।
फिलिस्तीनी मेडिकल सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह घटना उत्तरी गाजा के बेत लाहिया इलाके में हुई है। जान गंवाने वालों में एक 13 साल का बच्चा भी शामिल है, जिससे आम जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इसी दिन एक दूसरी घटना में IDF की एयरस्ट्राइक में एक और फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई थी, जो इसी सीमा को पार करने की कोशिश कर रहा था। इस तरह की घटनाएं लगातार आम लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना रही हैं।
'येलो लाइन' और इसराइल का सख्त रुख
आपको बता दें कि यह 'येलो लाइन' अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए समझौते के बाद बनाई गई थी। यह सीमा फिलिस्तीनी इलाकों को इसराइली सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से अलग करती है। पीले रंग के कंक्रीट ब्लॉक से चिन्हित यह लाइन लगातार बदलती रही है और सितंबर 2026 के शुरुआती दिनों तक इसराइली नियंत्रण वाला इलाका बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसराइल इस लाइन के पार के हिस्से को फ्री-फायर जोन मानता है और वहां किसी भी फिलिस्तीनी के जाने पर पूरी पाबंदी है।
इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 3 सितंबर 2026 को गाजा पट्टी के दौरे के दौरान साफ कर दिया कि सेना इन इलाकों से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इस क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण बनाए रखेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा उन्होंने इस नियंत्रण को बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाने की योजना के संकेत भी दिए हैं। दूसरी ओर, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दक्षिण अफ्रीका की ओर से इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में दी गई याचिका का समर्थन करते हुए कहा है कि इसराइल विस्थापित लोगों को उनके घरों में लौटने से रोक रहा है, जिससे इलाके में रहने का संकट और गहराता जा रहा है।
क्षेत्र में अन्य हिंसा और मौतें
गाजा के अलावा क्षेत्रीय हिंसा के दौरान 3 सितंबर को कई अन्य लोग भी मारे गए। इसमें गाजा पट्टी में एक 16 साल के किशोर की मौत शामिल है। इसके अलावा वेस्ट बैंक के रामल्लाह के उत्तर में स्थित एक गांव में इसराइली गोलीबारी में दो अन्य फिलिस्तीनी नागरिकों की भी जान चली गई। इन लगातार होती हिंसा की घटनाओं से पूरे क्षेत्र में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।