Gaza News: गाजा सिटी पर इजरायली हमले में कई लोग घायल, तीन साल बाद खुला स्कूल.

गाजा पट्टी में हिंसा का दौर अभी थमा नहीं है और हाल ही में उत्तरी गाजा सिटी के पास एक वाहन को निशाना बनाकर इजरायली हमला किया गया। 19 सितंबर 2026 को हुए इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। इस घटना को अक्टूबर 2025 से लागू हुए संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है। शेख रादवान इलाके में एक अन्य हमले में 24 साल के मोहम्मद खालिद अल-रिफाए की मौत हो गई और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस दिन जबालिया शरणार्थी शिविर, शुजैया और नुसीरत शिविरों में भी कई लोग हताहत हुए हैं। az-Zahra इलाके में स्वास्थ्य मंत्रालय के डायरेक्टर-जनरल मुनिर अल-बुरश के बेटे बसीर अल-बुरश की भी जान चली गई, जिस पर मंत्रालय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
संघर्ष विराम के बीच लगातार बढ़ रहा है नुकसान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में जब से संघर्ष विराम शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक इजरायली हमलों में 1,381 से 1,386 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इसके अलावा इस अवधि में 4,757 से 4,784 लोग घायल हुए हैं। अगर अक्टूबर 2023 से अब तक के कुल आंकड़ों की बात करें तो मरने वालों की संख्या लगभग 73,795 और घायलों की संख्या 174,869 तक पहुंच गई है। इन भयानक हालातों के बीच अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार चिंता जता रहे हैं। क्यूना न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने मानवीय सहायता पर लगी पाबंदियों को तुरंत हटाने और युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। हालांकि इजरायली सेना ने आज के हमलों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उन्होंने 13 सितंबर 2026 को हमास पर हथियार बनाने की क्षमता फिर से जुटाने का आरोप लगाया था।
मुश्किल हालात के बीच शुरू हुई पढ़ाई
एक तरफ जहां बमबारी और संघर्ष का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फिलिस्तीनी शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्रालय ने 19 सितंबर 2026 से नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही तीन साल से पढ़ाई लिखाई पर लगे ब्रेक का अंत हो गया है। इन चरम और कठिन परिस्थितियों में छात्र अब तंबू और कारवां में क्लास ले रहे हैं, जहां पढ़ाई के लिए आमने-सामने और ऑनलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप क्यूना न्यूज़ पोर्टल पर देख सकते हैं। आम लोग और छात्र इन हालातों में भी अपनी जिंदगी पटरी पर लाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।