Gaza Strike: इस्राइली हमले में आठ साल की बच्ची और उसके पिता की मौत, स्कूल के पहले दिन ही हुआ हादसा।

गाजा में जारी हिंसा के बीच रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें आठ साल की बच्ची वफा अकीला और उसके पिता यूसेफ अकीला की जान चली गई। यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार, 6 सितंबर 2026 को हुई, जब पश्चिमी गाजा सिटी में उनकी कार को एक इस्राइली हमले ने निशाना बनाया। हैरान करने वाली बात यह थी कि यह दिन वफा के जीवन का स्कूल का पहला दिन था, जिस दिन उसे अपनी पढ़ाई की शुरुआत करनी थी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
अस्पताल और स्वास्थ्य अधिकारियों ने की पुष्टि
अल शिफा अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद अबू सेलमिया ने इन दोनों मौतों की आधिकारिक पुष्टि की। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हमले में छह अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसके बाद उसी दिन गाजा में दो और अलग-अलग इस्राइली हमले हुए, जिसमें एक अन्य बच्चे समेत दो और लोगों की जान चली गई। इस तरह से केवल रविवार के दिन ही मरने वालों की कुल संख्या कम से कम चार तक पहुंच गई।
इस्राइली सेना का बयान और सीजफायर की स्थिति
इस पूरी घटना के जवाब में इस्राइली सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि उनके सैनिक एक 'हमास मिलिटेंट' को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि सेना इस हमले के परिणामों की फिलहाल जांच कर रही है कि आखिर यह सब कैसे हुआ। यह लगातार हो रही हिंसा उस समय रुक नहीं रही है, जबकि पिछले साल अक्टूबर 2025 में अमेरिका के समर्थन से एक युद्धविराम समझौता लागू हुआ था। इसके बावजूद जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं दिखा है और इस्राइली सैन्य अभियान लगातार जारी हैं।
हमास के आरोप और अब तक का कुल नुकसान
हमास ने इस्राइल पर युद्धविराम के नियमों का खुला उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस्राइल संघर्ष को खत्म करने की उस व्यापक योजना में बाधा डाल रहा है, जिसमें इस्राइली सेना की वापसी और हमास का निरस्त्रीकरण शामिल है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के इस तथाकथित युद्धविराम के लागू होने के बाद से अब तक 1,300 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार 7 अक्टूबर 2023 से लेकर 6 सितंबर 2026 तक कुल मरने वालों का आंकड़ा 73,651 को पार कर चुका है, जबकि इस पूरे संघर्ष के दौरान 1,74,592 लोग घायल हो चुके हैं।