ग़ज़ा पट्टी में फिर बरसे इजरायली ड्रोन, खान यूनिस में एक की मौत और कई लोग बुरी तरह घायल

Sushma Kumari4 September 20262 min read58 viewsWorld
ग़ज़ा पट्टी में फिर बरसे इजरायली ड्रोन, खान यूनिस में एक की मौत और कई लोग बुरी तरह घायल

गाजा पट्टी में हिंसा का दौर लगातार जारी है और ताजा हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दक्षिण गाजा के खान यूनिस इलाके में इजरायली ड्रोन हमले में एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना 4 सितंबर 2026 को हुई जब इजरायली सेना ने इलाके में लोगों के एक समूह को निशाना बनाया। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, यह हमला क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों का हिस्सा था जिसके तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस हमले से पहले उसी दिन खान यूनिस के उत्तर में भी एक अन्य हमला हुआ था जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा हमद रिहायशी इलाके में विस्थापितों के शिविर के पास गोलीबारी की अलग-अलग घटनाएं भी सामने आई हैं।

अल-मावासी और गाजा सिटी में भी हमले जारी

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 39 वर्षीय मोहम्मद अल-कादी ने खान यूनिस के अल-मावासी इलाके में हुए पिछले हवाई हमले में लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी तरफ, मध्य गाजा सिटी के अल-रिमल इलाके में एक अन्य इजरायली ड्रोन हमले की खबर आई जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इन सभी हमलों के बारे में अधिक जानकारी आप QNA की रिपोर्ट में देख सकते हैं। ये तमाम सैन्य कार्रवाई उस समय हो रही हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता से अक्टूबर से ही एक संघर्षविराम समझौता लागू है, लेकिन इसके बावजूद हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और सुरक्षा की स्थिति

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने हाल ही में आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 28 अगस्त से 1 सितंबर के बीच विभिन्न हमलों में कम से कम 24 फिलिस्तीनी मारे गए। मारे जाने वालों में चार बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद मानवाधिकार अधिकारियों ने यह बात साफ कर दी है कि अब गाजा में कोई भी इलाका सुरक्षित नहीं बचा है। आम नागरिकों के लिए रोजाना का जीवन बेहद मुश्किल हो गया है और लगातार हो रहे हमलों के कारण लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। चिकित्सा दल घायलों को बचाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन अस्पतालों में संसाधनों की कमी के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment