इंक्यूबेटर की भारी कमी के बीच गाजा के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स ने नवजात बच्चों के लिए कंगारू मदर केयर प्रोग्राम शुरू किया

खान यूनिस: गाजा के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स ने समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले शिशुओं की मदद के लिए 'कंगारू मदर केयर' (KMC) पहल शुरू की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ और UNFPA के सहयोग से शुरू किए गए इस प्रोग्राम में मां और नवजात के बीच स्किन-टू-स्किन संपर्क को बढ़ावा दिया जाता है। इससे बच्चों के शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और उनकी सेहत में सुधार होता है।
अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम तब उठाया गया है जब गाजा का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। यहां 80 प्रतिशत से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं युद्ध की वजह से क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं। नासिर अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ है और जरूरी उपकरणों की भारी किल्लत बनी हुई है।
मेडिकल स्टाफ ने बताया कि विशेष मशीनों की कमी के कारण उन्हें एक ही इंक्यूबेटर में तीन से चार समय से पहले जन्मे बच्चों को रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से पहले गाजा में 178 इंक्यूबेटर थे, लेकिन नवंबर 2024 तक यह संख्या घटकर केवल 54 रह गई है।
नासिर अस्पताल के नवजात विभाग के प्रमुख हातेम धाहिर ने सितंबर 2026 में बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है और अस्पताल में ऑक्सीजन व अतिरिक्त इंक्यूबेटर की कमी है। वहीं, नर्सिंग डायरेक्टर खौला अल-मधून ने अक्टूबर 2026 में कहा कि विस्थापन, भोजन की कमी और आर्थिक तंगी की वजह से समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
UNFPA के प्रतिनिधि डोमिनिक एलन ने इन हालातों को 'दुःस्वप्न' बताया है। उन्होंने कहा कि कुपोषण और निर्जलीकरण के कारण मृत जन्म और नवजात शिशुओं की मौत की घटनाएं बढ़ी हैं। यूनिसेफ के टोबी फ्रिकर ने भी पुष्टि की है कि कई शिशुओं को एक ही इंक्यूबेटर साझा करना पड़ रहा है।
यूनिसेफ की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में 8 लाख बच्चे विस्थापित हैं। गाजा गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने 11 अक्टूबर 2026 को बताया कि संघर्ष में अब तक 21,976 बच्चों की जान जा चुकी है, जिनमें एक साल से कम उम्र के 1,125 शिशु शामिल हैं।
संकट को कम करने के लिए यूनिसेफ ने नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स समेत गाजा पट्टी की छह सुविधाओं को 93 इंक्यूबेटर उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) जैसे अंतरराष्ट्रीय भागीदार चिकित्सा उपकरणों के दान और मोबाइल क्लीनिक चलाने में मदद कर रहे हैं।