Gaza Elections 2026: गाजा में दो दशकों बाद चुनाव, आर्थिक स्थिरता बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता

दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद फिलिस्तीन में विधायी चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 28 नवंबर 2026 को होने वाले इन चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है, लेकिन गाजा के आम नागरिकों के लिए राजनीति से ज्यादा अपनी बुनियादी जरूरतें और आजीविका सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। युद्ध और भीषण तबाही का सामना कर रहे इस क्षेत्र के लोग इस बार सिर्फ वोट डालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी निगाहें पूरी तरह से रोजगार और आर्थिक स्थिरता पर टिकी हुई हैं।
गंभीर आर्थिक संकट और तबाही का मंज़र
संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) के अनुसार, गाजा वर्तमान में अब तक के सबसे भीषण आर्थिक पतन से गुजर रहा है। अक्टूबर 2023 के बाद से यहां की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- कामकाजी उम्र की आबादी के बीच बेरोजगारी का आंकड़ा 90% को पार कर गया है।
- लगभग 92% व्यावसायिक और आर्थिक प्रतिष्ठान या तो नष्ट हो चुके हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
- वर्तमान में प्रति व्यक्ति दैनिक जीडीपी गिरकर मात्र $0.58 (लगभग 50 रुपये) रह गई है।
ऐसी विकट परिस्थितियों में गाजा के निवासियों के लिए जीवनयापन करना किसी चुनौती से कम नहीं है। यही वजह है कि चुनाव प्रचार के दौरान लोग राजनेताओं से रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सुरक्षा की पुख्ता गारंटी मांग रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया और नए नियम
राष्ट्रपति महमूद अब्बास द्वारा पिछले साल जुलाई में जारी डिक्री के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) इन चुनावों की तैयारियों में जुटा है। इस बार फिलिस्तीनी विधायी परिषद (PLC) की सीटों को 132 से बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं, जैसे:
- चुनावी सीमा (electoral threshold) को घटाकर 1% कर दिया गया है।
- प्रत्येक तीन उम्मीदवारों की सूची में कम से कम एक महिला का होना अनिवार्य किया गया है।
- चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु सीमा घटाकर 23 वर्ष कर दी गई है।
राजनीतिक दल और गठबंधन
चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। फतह, हमास के नेतृत्व वाले गठबंधन (जिसमें मोहम्मद दहलान और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद शामिल हैं), और अन्य कई राजनीतिक समूह इस चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक विभाजन और हालिया स्थानीय चुनावों में कम मतदान ने यह साबित कर दिया है कि जनता का विश्वास जीतना किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा।
पुनर्निर्माण की भारी चुनौती
गाजा के सामने सबसे बड़ी बाधा पुनर्निर्माण के लिए फंड की कमी है। हालांकि इस साल की शुरुआत में रिकवरी के लिए 17 अरब डॉलर के फंड की घोषणा की गई थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक दशक में क्षेत्र के पूर्ण पुनर्निर्माण के लिए लगभग 71.4 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि की आवश्यकता होगी।
चुनाव के शुरुआती नतीजे मतदान समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर आने की उम्मीद है, जबकि कानूनी अपीलों के निपटारे के बाद दो सप्ताह के भीतर अंतिम परिणामों की घोषणा की जाएगी। देखना यह होगा कि क्या ये चुनाव गाजा के लोगों के जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव ला पाते हैं या नहीं।