गाजा में युद्ध का गहरा सदमा: लाखों बच्चे और वयस्क मानसिक संकट की गिरफ्त में

Gautam Sahu6 October 20262 min read0 viewsWorld
गाजा में युद्ध का गहरा सदमा: लाखों बच्चे और वयस्क मानसिक संकट की गिरफ्त में

गाजा में पिछले तीन सालों से जारी हिंसा ने न केवल इमारतों और बुनियादी ढांचे को तबाह किया है, बल्कि वहां के लोगों की मानसिक स्थिति को भी पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। एक स्थानीय लेखक और प्रशिक्षक सैद अलसलौल के अनुसार, वहां के जीवित बचे लोग सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं क्योंकि हिंसा का सिलसिला थम ही नहीं रहा है। अलसलौल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि संघर्ष के शुरुआती दो महीनों में ही उनके पड़ोस के छह घर बमबारी में तबाह हो गए, जिसमें उनके 60 पड़ोसी मारे गए।

आंकड़े इस त्रासदी की भयावहता को साफ बयां करते हैं। अक्टूबर 2023 से अब तक 74,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दुख की बात यह है कि अक्टूबर 2025 में युद्धविराम लागू होने के बाद भी लगभग 1,400 और मौतें दर्ज की गईं।

मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक चोटों का भयावह मंजर

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UNFPA के अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, गाजा में एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। यहां के 10 लाख से अधिक बच्चों को मनोवैज्ञानिक सहायता की जरूरत है और इनमें से 96 प्रतिशत बच्चे हर समय मौत का डर महसूस कर रहे हैं। युवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है; 61 प्रतिशत किशोर पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से जूझ रहे हैं, जबकि 38 प्रतिशत अवसाद और 41 प्रतिशत चिंता (Anxiety) का शिकार हैं। वयस्कों में PTSD का आंकड़ा और भी ज्यादा है, जो लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

शारीरिक चोटों की बात करें तो WHO के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक 1,72,000 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 43,000 लोगों को ऐसी चोटें आई हैं जिन्होंने उनका जीवन बदल दिया, जिनमें 10,000 बच्चे शामिल हैं। अब तक करीब 6,000 लोगों के अंग विच्छेदन (Amputation) हुए हैं, जिनमें 1,500 बच्चे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है। WHO की प्रतिनिधि रेनहिल्ड वैन डी वेयर्ट ने चेतावनी दी है कि पुनर्वास संसाधनों की कमी के कारण रोके जा सकने वाले अपंगताएं अब स्थायी स्थिति बनती जा रही हैं। मई 2024 से अप्रैल 2026 के बीच गाजा में पुनर्वास का कोई उपकरण नहीं पहुंचा और 400 से अधिक मरीज विशेष बिस्तरों का इंतजार कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, Médecins Sans Frontières (MSF) ने चेतावनी दी है कि मानवीय स्थितियों को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है। करीब 18,500 मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजने की जरूरत है, लेकिन उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिसके कारण 900 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। साथ ही, गाजा के 90 प्रतिशत पानी और स्वच्छता बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।

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