गाजा में इजरायली हमलों में तीन फलस्तीनी लोगों की मौत, वेस्ट बैंक में भी तनाव बढ़ा

Praggya Singh sabal19 September 20263 min read17 viewsWorld
गाजा में इजरायली हमलों में तीन फलस्तीनी लोगों की मौत, वेस्ट बैंक में भी तनाव बढ़ा

गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य हमलों की वजह से हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन हमलों में कुल 3 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है। यह घटना 19 सितंबर 2026 की है जब सुरक्षा बलों ने अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया और कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए। इस हिंसा के दौरान एक बड़ा मामला तब सामने आया जब गाजा सिटी के पश्चिम में स्थित शेख रादवान नेबरहुड के अल-तकवा शरणार्थी शिविर में एक मोटरसाइकिल पर बम गिराया गया। इस हमले में हुदैफा अवाद की जान चली गई और एक बच्चे समेत कई अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए जिन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

गाजा सिटी और नुसीरात शिविर पर भी बमबारी

हमलों का सिलसिला यहीं नहीं रुका बल्कि गाजा सिटी के दक्षिणी हिस्से और नुसीरात शरणार्थी शिविर में भी लगातार बमबारी की गई। नुसीरात शिविर में हुए हमलों में करम मुसाद अल मसारा की मौत की पुष्टि स्थानीय अधिकारियों द्वारा कर दी गई है। इन लगातार हो रहे हमलों की वजह से आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और हर तरफ डर का माहौल बना हुआ है। राहत और बचाव कार्य में लगे लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 14 सितंबर 2026 को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 8 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कुल मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 73,786 तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही इस लंबी अवधि में कुल 174,771 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज करना अस्पतालों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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वेस्ट बैंक के अल-मुघय्यिर गांव में सैन्य कार्रवाई

गाजा के अलावा occupied West Bank में भी तनाव अपने चरम पर है जहां इजरायली बलों ने अल-मुघय्यिर गांव में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 सितंबर 2026 को एक घटना के बाद गांव के चारों तरफ कड़े बैरिकेड्स लगा दिए गए और रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उस दिन एक इजरायली motorist पर कथित तौर पर गोलियां चलाई गई थीं जिसके बाद सेना ने यह सख्त कदम उठाया। इजरायली सेना की तरफ से यह बयान भी सामने आया कि नागरिक की गाड़ी पर गोलियों के निशान जरूर मिले और वाहन को नुकसान पहुंचा, लेकिन उस विशेष घटना में किसी के भी घायल होने की खबर नहीं थी। सुरक्षाबलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर लिया और आगे की जांच के साथ-साथ सबूत जुटाने का काम शुरू कर दिया।

विस्थापित करने की कोशिशों पर चिंता

इस पूरे मामले को लेकर फलस्तीन के विदेश मंत्रालय ने अपनी चिंता पहले ही जाहिर कर दी थी और 29 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक चेतावनी भी जारी की थी। मंत्रालय का कहना था कि इजरायल द्वारा उठाए जा रहे सैन्य कदम जैसे कि इलाके में घेराबंदी करना और आपातकालीन सेवाओं के आने-जाने पर रोक लगाना, स्थानीय आबादी को पूरी तरह अलग-थलग करने और उन्हें वहां से भगाने की सोची-समझी साजिश है। इस प्रकार की कार्रवाइयों से आम नागरिकों का जीवन और अधिक कठिन होता जा रहा है और पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।

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