Gaza और West Bank में लगातार बढ़ी हिंसा, Jerusalem में घरों को तोड़ने का दौर जारी

गाजा और वेस्ट बैंक में चल रहे संघर्ष के बीच हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ताजा मामलों में खान यूनिस के अल-मावासी इलाके में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई और वेस्ट बैंक में सेटलर्स के हमले तेज हो गए हैं। इस बीच जेरूसलम में आर्थिक दबाव बनाने के लिए लगातार प्रॉपर्टी को तोड़ा जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बहुत बढ़ गई हैं।
गाजा में गर्भवती महिला और उसके बच्चे की मौत
बीते 12 सितंबर 2026 को खान यूनिस के अल-मावासी इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई। एक परिवार के टेंट के अंदर बैठी 27 साल की इमान शालौफ के सिर में गोली लग गई जिससे उनकी मौत हो गई। इमान शालौफ लगभग आठ महीने की गर्भवती थीं और उन्हें तुरंत नासिर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें और उनके होने वाले बच्चे, जिसका नाम परिवार ने अयूब रखा था, दोनों को मृत घोषित कर दिया। इजराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने कहा कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं, जो अक्टूबर 2025 के युद्धविराम समझौते के बावजूद हुई। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 7 अक्टूबर 2023 से अब तक 73,670 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 174,682 लोग घायल हुए हैं। वहीं 12 सितंबर से पहले के 48 घंटों में 10 लोग मारे गए और 56 घायल हुए थे।
वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा और जेरूसलम में डिमोलिशन
दूसरी तरफ occupied वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा में काफी तेजी आई है। संयुक्त राष्ट्र की विशेष रैपोर्टेअर फ्रांसिस्का अल्बानीज़ ने इसे निहत्थे नागरिकों के खिलाफ हिंसा करार दिया है। 13 सितंबर 2026 को साल्फिट के पूर्व में हुए एक हमले में दो लोग घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार साल 2026 के पहले सात महीनों में सेटलर्स के 4,100 से ज्यादा हमले हुए। मानवाधिकार संगठन यश दिन ने बताया कि ईरान संघर्ष के दौरान 40 दिनों में 378 हमले दर्ज किए गए जिनसे 148 गांव प्रभावित हुए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कभी-कभार इन आपराधिक कृत्यों की निंदा की है, लेकिन फिलिस्तीनी प्राधिकरण इसे स्थानीय समुदायों को विस्थापित करने के लिए राज्य समर्थित आतंकवाद बताता है। वहीं occupied जेरूसलम में आर्थिक दबाव बनाने के लिए संपत्ति को तोड़े जाने का काम जारी है। 12 सितंबर 2026 को जेरूसलम के रहने वाले adham tabash को इजरायली नगरपालिका के दबाव में आकर वादी अल-जोज इंडस्ट्रियल जोन में अपनी पाँच कमर्शियल इमारतों को खुद ही गिराना पड़ा ताकि भारी जुर्माने से बचा जा सके। इन तोड़ी गई संपत्तियों में एक कारपेंटरी वर्कशॉप, एक ट्रेवल एजेंसी, एक मोटरसाइकिल रिपेयर शॉप और एक बेकरी शामिल थीं। tabash ने बताया कि वह पहले ही लगभग 300,000 NIS यानी करीब $80,000 USD जुर्माना भर चुके थे और और अधिक वित्तीय दंड से बचने के लिए उन्हें यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा। वॉल एंड सेटलमेंट रेजिस्टेंस कमीशन के मुताबिक इजरायली अधिकारियों ने अगस्त 2026 में 71 डिमोलिशन ऑपरेशन चलाए जिनसे 155 संरचनाएं प्रभावित हुईं और कम से कम 200 फिलिस्तीनी बेघर हुए। इन सभी विकास कार्यों को लेकर अल जजीरा के 'जेरूसलम डेली' के लिए संवाददाता नूर हेगाज़ी लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।