गाजा में कड़ाके की ठंड और बाढ़ का खतरा, मदद की कमी से लाखों परिवार परेशान
गाजा में 17 लाख से ज्यादा लोग कड़ाके की ठंड और बाढ़ के खतरे का सामना कर रहे हैं, जबकि मदद की भारी कमी है।

गाजा: गाजा पट्टी के विस्थापन शिविरों में रह रहे लाखों परिवार अब लगातार चौथी सर्दियों का सामना करने जा रहे हैं। यहां के लोगों को तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ-साथ बाढ़ के बड़े खतरे का सामना करना पड़ रहा है। गाजा की लगभग 84 फीसदी आबादी, यानी करीब 17.6 लाख लोग इस समय ऐसे अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं जो उन्हें मौसम की मार से बचाने में नाकाम हैं।
यूनिसेफ के 17 सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, इन खराब परिस्थितियों की वजह से 5 लाख 40 हजार बच्चे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के घेरे में हैं। उन्हें हाइपोथर्मिया और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) की महानिदेशक एमी पोप ने 9 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि मानवीय सहायता भागीदारों के पास मौजूद सामान सर्दियों की कुल जरूरतों का केवल 17 प्रतिशत ही है। करीब 20 लाख लोगों को तत्काल आश्रय सहायता की जरूरत है, लेकिन फंड की कमी और लॉजिस्टिक बाधाओं ने राहत कार्यों को मुश्किल बना दिया है।
संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) ने बताया कि जल निकासी नेटवर्क की सफाई जैसे बाढ़ रोकने के प्रयास ठप पड़े हैं। स्पेयर पार्ट्स और इंजन ऑयल की कमी के कारण पानी के पंप काम नहीं कर रहे हैं।
इज़राइली अधिकारियों की पाबंदियों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। 27 अक्टूबर 2026 को चुनाव के दिन के कारण केरेम शालोम क्रॉसिंग बंद कर दिया गया, जिससे कंबल, ईंधन और कपड़ों जैसी जरूरी चीजों की आवाजाही रुक गई। UNRWA के मुताबिक, मार्च 2025 से इज़राइली अधिकारियों ने एजेंसी को अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों और सहायता सामग्री को सीधे गाजा ले जाने से रोका हुआ है।
सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने भी चुनौतियों को बढ़ाया है, जिसमें UNOPS काफिलों के पास हुए धमाके शामिल हैं। फिलहाल 9 लाख 50 हजार लोग ऐसे इलाकों में रह रहे हैं जहां बाढ़ का मध्यम से उच्च जोखिम है। टेंटों के अलावा, 44 हजार से ज्यादा लोग 2300 से अधिक क्षतिग्रस्त और असुरक्षित इमारतों में रहने को मजबूर हैं। सितंबर 2026 में एक इमारत गिरने से 12 बच्चों समेत 21 लोगों की जान चली गई थी।
इस संकट के बीच कतर रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने 25 अक्टूबर 2026 को 'वार्म विंटर कैंपेन 2026-2027' शुरू किया है। इस अभियान के जरिए फिलिस्तीन में 57 हजार से अधिक जरूरतमंद लोगों की मदद करने की कोशिश की जा रही है।