तूफान और भारी बारिश से गाजा में डूबे टेंट, मलबे में दबे लोग
गाजा में आए पहले विंटर स्टॉर्म से हजारों विस्थापितों के टेंट में पानी भर गया है। करीब 3 मिलियन डॉलर के नुकसान का अनुमान है।

गाजा: गाजा पट्टी में सीजन के पहले विंटर स्टॉर्म ने भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार शाम 6 नवंबर से शनिवार 7 नवंबर 2026 के बीच आए इस तूफान की वजह से विस्थापित फिलिस्तीनियों के करीब 70,000 टेंटों में पानी भर गया है।
गाजा के गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस के मुताबिक, महज 12 घंटों के भीतर हजारों टेंट बाढ़ की चपेट में आ गए। गाजा सिविल डिफेंस ने बताया कि करीब 10 घंटों के दौरान उन्हें 1,500 से ज्यादा इमरजेंसी कॉल मिले, क्योंकि कई जगहों पर पानी का स्तर 30 से 40 सेंटीमीटर तक बढ़ गया था।
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई अस्थायी ढांचे ढह गए। बचाव दल लगातार उन लोगों को बाहर निकालने के काम में जुटे हैं जो इन मलबों के नीचे दब गए थे। शनिवार तक किसी की मौत की खबर नहीं मिली है, लेकिन इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं।
गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने इस तूफान से हुए कुल वित्तीय नुकसान का अनुमान करीब 3 मिलियन डॉलर लगाया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पतले कपड़े और नायलॉन से बने अस्थायी शेल्टर होने के कारण लोग मौसम की मार से नहीं बच पाए।
अधिकारियों के मुताबिक, मानवीय सहायता, ईंधन, शेल्टर सामग्री और आपातकालीन उपकरणों के प्रवेश पर लगी पाबंदियों की वजह से घरों को मजबूत करना और आपदा का सामना करना मुश्किल हो गया है।
जारी संघर्ष के कारण गाजा पट्टी में करीब 92 प्रतिशत आवास इकाइयां या तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे लाखों लोग असुरक्षित स्थितियों में रहने को मजबूर हैं।