GCC का बड़ा फैसला, कृषि और खाद्य सुरक्षा अब सबसे बड़ा मुद्दा, सभी देशों के लिए बनी नई योजना.

खाद्य सुरक्षा को लेकर गल्फ देशों ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। GCC यानी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने 4 सितंबर 2026 को यह साफ कर दिया कि खेती और खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह बात उन्होंने 3 सितंबर 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा में हुई कृषि सहयोग और खाद्य सुरक्षा समिति की 38वीं बैठक के दौरान कही। इस बैठक का मुख्य मकसद यह था कि सभी गल्फ देश मिलकर काम करें ताकि आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कोई कमी न हो और संकट के समय पूरी तैयारी रखी जा सके।
खाद्य सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी पर जोर
इस पूरी योजना की नींव इसी साल 28 अप्रैल 2026 को जेद्दा में हुई सुप्रीम काउंसिल की 19वीं सलाहकार बैठक के दौरान रखी गई थी। उस बैठक में सभी बड़े नेताओं ने यह तय किया था कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की ताकत को और मजबूत किया जाना चाहिए। इसी के तहत GCC स्तर पर रणनीतिक स्टोरेज जोन यानी अनाज और खाने के सामान के बड़े भंडार बनाने की योजना पर काम चल रहा है। गल्फ देश अब यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अगर दुनिया में कभी कोई संकट आता है, तो उनके पास अपने लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में राशन और जरूरी सामान हमेशा मौजूद रहे।
अलग-अलग देशों में चल रहे हैं विशेष प्रयास
गल्फ के सभी देश अपने-अपने स्तर पर इस दिशा में बेहतरीन काम कर रहे हैं। यूएई यानी United Arab Emirates में नई तकनीक और खेती के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें इंटरनेशनल सेंटर फॉर बायोसेलाइन एग्रीकल्चर यानी ICBA की भी मदद ली जा रही है। बहरीन भी अपने कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने और स्थानीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने में जुटा हुआ है। वहीं सऊदी अरब का पूरा ध्यान रणनीतिक खाद्य रिजर्व मजबूत करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम यानी समय से पहले खतरे की जानकारी देने वाले तंत्र को सुधारने, और खाने की बर्बादी को रोकने पर है। ओमान सल्तनत लोकल प्रोडक्शन यानी घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैल्यू चेन और प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। कतर अपनी नेशनल फूड सिक्योरिटी स्ट्रेटजी 2030 के तहत तेजी से आगे बढ़ रहा है और कुवैत भी कृषि उत्पादन का समर्थन करने के साथ अपने फूड रिजर्व को सुरक्षित करने में लगा हुआ है। इन सभी देशों की कोशिशों का मुख्य उद्देश्य GCC की खाद्य सुरक्षा रणनीति को जमीन पर उतारना और एक मजबूत तथा टिकाऊ व्यवस्था तैयार करना है।