हूती समूह को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग उठी और खाड़ी सहयोग परिषद के विदेश मंत्रियों ने आधिकारिक अपील की

रियाद: खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने हूती आंदोलन को एक आतंकवादी संगठन के रूप में वर्गीकृत करने की आधिकारिक मांग की है। सऊदी न्यूज द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा 19 अक्टूबर 2026 को की गई।
यह कूटनीतिक कदम ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब में राष्ट्रीय सुरक्षा और कंटेंट रेगुलेशन से जुड़े कानूनी माहौल में बदलाव हो रहे हैं। सऊदी अरब के मौजूदा कानूनों, जिनमें एंटी-साइबर क्राइम कानून शामिल है, के तहत सार्वजनिक व्यवस्था या राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को पांच साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही उन पर 30 लाख रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इन नियमों की निगरानी जनरल कमीशन फॉर ऑडियोविजुअल मीडिया (GCAM) और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय (HRSD) जैसे सरकारी निकाय कर रहे हैं।
इन विभागों ने डिजिटल कंटेंट और व्यवहार संबंधी कदाचार को लेकर प्रवर्तन नियमों को और सख्त कर दिया है। सऊदी अरब में सार्वजनिक भाषण और अभिव्यक्ति को लेकर एक कठोर ढांचा लागू है।
साल 2025 और 2026 के दौरान श्रम कानूनों में किए गए अपडेट के जरिए संस्थाओं की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे राज्य की नीतियों का पालन सुनिश्चित करें। किवा (Qiwa) प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल दस्तावेजों या रोजगार नियमों का पालन न करने पर गंभीर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।