GCC Chief का बड़ा बयान, वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए EU के साथ मिलकर काम करने की अपील.

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने हाल ही में दुनिया भर के देशों को एक जरूरी संदेश दिया। उन्होंने न्यूयॉर्क में चल रही 81st UN General Assembly के दौरान यह बात कही कि मौजूदा क्षेत्रीय संकट का असर अब सिर्फ स्थानीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका सीधा असर यूरोप और पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस बैठक में उन्होंने वैश्विक स्तर पर आ रही आर्थिक दिक्कतों का खुलकर जिक्र किया और आपसी सहयोग पर जोर दिया।
शिपिंग रूट्स में रुकावट और महंगाई का असर
महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने बताया कि पिछले कुछ समय से शिपिंग रूट्स में लगातार बाधाएं आ रही हैं। इन रुकावटों की वजह से दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामानों के दाम काफी बढ़ गए हैं। इस स्थिति ने वैश्विक सप्लाई चेन को बहुत ज्यादा तनाव में डाल दिया है। जब रास्ते बंद होते हैं या जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिलता, तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है और सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ता है।
GCC और EU के पास हैं पर्याप्त संसाधन
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि GCC और यूरोपीय संघ यानी EU के पास निवेश, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। अगर दोनों ताकतें मिलकर काम करें, तो ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को आसानी से मजबूत किया जा सकता है। इसके अलावा सप्लाई चेन की मजबूती को भी बढ़ाया जा सकता है, जिससे आने वाले समय में ऐसी किसी भी परेशानी से आसानी से निपटा जा सके।
फ्री ट्रेड समझौते पर जोर
Albudaiwi ने ट्रांसपोर्ट और बीमा से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए आपसी सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन, खाद और भोजन जैसी जरूरी चीजों के शिपमेंट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने व्यापार और नियमों के ढांचे को लेकर GCC-EU के बीच बातचीत को और गहरा करने की बात कही, ताकि जल्द से जल्द फ्री ट्रेड समझौते की तरफ कदम बढ़ाए जा सकें। उन्होंने अंत में यह स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों के बीच बेहतर साझेदारी ही मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटने का सबसे असरदार तरीका है।