हॉर्मुज जलडमरूमध्य को राजनीतिक हथियार न बनाएं, जीसीसी प्रमुख ने दी कड़ी चेतावनी

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जassim मोहम्मद अल-बुदैवी ने 17 सितंबर 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल राजनीतिक सौदेबाजी के लिए कभी नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात उटा विश्वविद्यालय में आयोजित गल्फ स्टेट्स फोरम के दौरान कही, जहां उन्हें ग्लोबल यू एलुम्नी इंपैक्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इस दौरान उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री जलमार्ग पर नेविगेशन की पूर्ण स्वतंत्रता पर जोर दिया, जिसके बारे में अधिक जानकारी WAM पर उपलब्ध है।
क्षेत्रीय तनाव और टैंकरों पर हमले
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में 18 सितंबर 2026 को यह रिपोर्ट सामने आई कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक और टैंकर को निशाना बनाया गया। इससे पहले ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स (IRGC) ने टोगो के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला करने की जिम्मेदारी ली थी और इसके पीछे अवैध मार्ग से गुजरने का तर्क दिया था। इस तरह की घटनाएं खाड़ी देशों में लगातार अस्थिरता पैदा कर रही हैं। इससे पहले जुलाई 2026 में जीसीसी और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर लगाए जाने वाले अवैध शुल्कों और संप्रभुता के दावों को सिरे से खारिज किया था।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास
समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अल-बुदैवी लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं। उन्होंने नेविगेशन की स्वतंत्रता की गारंटी के लिए अप्रैल 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से औपचारिक रूप से अपील की थी। ओमान और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के साथ मिलकर शिपिंग रूटों के लिए एक गवर्निंग समझौता तैयार करने के कूटनीतिक प्रयासों को उस समय झटका लगा जब सऊदी अरब की एक पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद एक अहम बैठक को स्थगित करना पड़ा। जीसीसी लगातार ईरान के उन कृत्यों की कड़ी निंदा कर रहा है जो क्षेत्र में अशांति फैलाते हैं और समुद्री गलियारे का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करते हैं। इन तमाम चुनौतियों के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि इस अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा पर पड़ता है।