सऊदी पर हमला, रियाद और खामिस मुशायट को बनाया निशाना, एयर डिफेंस ने हवा में गिराए ड्रोन और मिसाइल.

खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने सऊदी अरब पर हाल ही में हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। शनिवार, 26 सितंबर 2026 को हुए इन हमलों में मुख्य रूप से राजधानी रियाद और खामिस मुशायट शहर को निशाना बनाया गया था। इन लगातार हमलों की वजह से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल देखा जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो चुकी हैं।
GCC का कड़ा रुख और सऊदी अरब को पूरा समर्थन
GCC के महासचिव जसिम मोहम्मद अलबुदैवी ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा हमला है। महासचिव ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई और देश की क्षेत्रीय अखंडता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने के लिए उठाए जा रहे हर कदम को पूरा समर्थन देने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इन बार-बार होने वाले आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए एक मजबूत और सख्त कदम उठाया जाए ताकि दोषियों को उनकी सजा मिल सके।
सऊदी वायु रक्षा प्रणाली की बड़ी सफलता
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इन रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने अपनी ताकत दिखाते हुए सभी हमलों को नाकाम कर दिया। वायु रक्षा प्रणालियों ने खामिस मुशायट की तरफ आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों और रियाद की ओर बढ़ाए गए दो ड्रोन को हवा में ही सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। गनीमत यह रही कि समय रहते इन खतरों को आसमान में ही खत्म कर दिया गया जिससे किसी बड़े नुकसान से बचाव हो गया और आम जनता सुरक्षित रही।
लाल सागर और हदीदह में सैन्य कार्रवाई
इन लगातार हो रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों और लाल सागर में समुद्री नेविगेशन को मिल रहे खतरों के जवाब में गठबंधन सेना ने कड़ा कदम उठाया। गठबंधन ने यमन के हदीदह प्रांत में स्थित हुथी ठिकानों के खिलाफ लक्षित सैन्य अभियान चलाए। इन ऑपरेशनों का मुख्य उद्देश्य उन ठिकानों को नेस्तनाबूद करना था जहां से इस तरह के हमलों की योजना बनाई जाती है और खाड़ी देशों की शांति को बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है। सरकार और सैन्य बल देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मुस्तैद हैं।