सऊदी अरब पर हूती हमलों को GCC महासचिव ने बताया आपराधिक कृत्य और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता

रियाद: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव ने सऊदी अरब के खिलाफ जारी हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों को आपराधिक कृत्य करार दिया है। 18 अक्टूबर 2026 को जारी इस बयान के समय पूरे क्षेत्र में सैन्य टकराव काफी बढ़ गया है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि 18 अक्टूबर को हूती बलों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक लिया गया। इससे पहले 17 अक्टूबर को भी सऊदी अरब की तरफ ड्रोन हमलों की एक नई लहर देखी गई थी।
दूसरी तरफ यमन में हालात और बिगड़ गए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर को सऊदी विमानों ने यमन में 53 हवाई हमले किए। हूती मीडिया के मुताबिक, ताइज़ प्रांत में हुए इन हमलों में नौ लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हुए हैं, जिनमें कुछ नागरिक मलबे के नीचे दबे हैं। हूती सूत्रों ने इन ऑपरेशन्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का दावा भी किया है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से जुड़ी यमन की सशस्त्र सेनाओं ने जानकारी दी कि उन्होंने 17 अक्टूबर को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर हूती ठिकानों, उपकरणों और ड्रोन लॉन्च साइटों पर 1,417 हमले किए हैं।
इस लड़ाई के बीच मिस्र ने 18 अक्टूबर 2026 को संसद का आपातकालीन सत्र बुलाया है। इस बैठक में सऊदी अरब को संभावित सैन्य सहायता देने पर चर्चा की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने ताइज़ में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। ओचा के मुताबिक, इस हिंसा की वजह से एक लाख 47 हजार से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों को जरूरी प्रसव पूर्व देखभाल नहीं मिल पा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करने की अपील की है।