सुरक्षा और व्यापार को लेकर जीसीसी देशों और यूरोपीय संसद ने रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया

Gautam Sahu16 October 20262 min read0 viewsWorld
सुरक्षा और व्यापार को लेकर जीसीसी देशों और यूरोपीय संसद ने रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया

ब्रुसेल्स: जीसीसी सदस्य देशों की विभिन्न परिषदों और यूरोपीय संसद के बीच हुई दूसरी बैठक में सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की बात कही गई है। 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस बैठक में यूरोपीय संसद के अध्यक्ष और जीसीसी विधायी परिषदों के अध्यक्ष शामिल हुए।

बैठक के बाद जारी एक साझा बयान में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की जरूरत बताई गई है। इसमें सड़क, हवाई, डिजिटल और समुद्री परिवहन मार्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रही बाधाएं, जो ईरान और उसके समर्थकों के हमलों की वजह से हैं, यह दिखाती हैं कि यूरोप और खाड़ी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। इस मुद्दे को आगामी ईयू-जीसीसी शिखर सम्मेलन में प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

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ऊर्जा के मोर्चे पर आर्थिक स्थिरता और जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए सुरक्षित और विविध आपूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए आधुनिक तकनीक अपनाने और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की वकालत की गई है।

आर्थिक मोर्चे पर ईयू-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करने के लिए स्पष्ट राजनीतिक संकेत देने का अनुरोध किया गया। साथ ही सप्लाई चेन की सुरक्षा और प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने पर भी चर्चा हुई।

संसद सदस्यों ने पांच अन्य जीसीसी देशों के साथ वीजा-मुक्त यात्रा की व्यवस्था का समर्थन किया। बैठक में ईरान और उसके समर्थकों द्वारा जीसीसी देशों, नागरिक बुनियादी ढांचे और पवित्र स्थलों पर किए गए मिसाइल व ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की गई।

बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत जीसीसी देशों को आत्मरक्षा का अधिकार है। इन हमलों को तुरंत और बिना शर्त रोकने की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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