सऊदी अरब की सुरक्षा के साथ खड़ा है जीसीसी, क्षेत्रीय तनाव के बीच मिला पूरा समर्थन
क्षेत्रीय तनाव के बीच GCC देशों ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एकजुटता जताई है।

रियाद: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने सऊदी अरब के प्रति अपनी अटूट एकजुटता जाहिर की है। 8 नवंबर, 2026 को जारी एक बयान में GCC के सभी सदस्य देशों ने साफ किया कि वे सऊदी सरकार द्वारा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का पूरा समर्थन करते हैं।
GCC ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब की सीमाओं के भीतर रहने वाले सभी नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
हालिया घटनाओं की बात करें तो 6 नवंबर, 2026 को अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर स्थित एयर डिफेंस क्षमताओं को निशाना बनाते हुए सीमित सैन्य हमले किए थे। इसके साथ ही, सऊदी अरब के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमले भी सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ा रहे हैं।
दूसरी तरफ, ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने 8 नवंबर को एक समारोह के दौरान कहा कि ईरान के मामले में अभी मिशन पूरा नहीं हुआ है। काट्ज़ ने आरोप लगाया कि ईरान फिर से परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जो इजरायल के लिए एक वास्तविक खतरा है।
इजरायल का कहना है कि वह इस तरह के खतरों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, हालांकि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों से इनकार करता रहा है।
ईरान के भीतर भी हालात तनावपूर्ण हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने 8 नवंबर को खबर दी कि तीन लोगों को फांसी दे दी गई है। इन लोगों को जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सशस्त्र अशांति में शामिल होने और इजरायल व अमेरिका के लिए काम करने का दोषी पाया गया था।
इसी बीच, इजरायल में घरेलू राजनीतिक बदलाव का दौर चल रहा है, जहां विपक्षी नेता नई सरकार बनाने के लिए जनादेश की कोशिश कर रहे हैं।