GCC महासचिव ने बताया कि 28 फरवरी से सदस्य देशों पर ईरान और उसके समर्थित समूहों ने करीब 7000 मिसाइल और ड्रोन हमले किए

रियाद: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अल्बुदईवी ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी 2026 के बाद से सदस्य देशों पर ईरान की तरफ से करीब 7,000 मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का इस्तेमाल किया गया है।
आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, इन हमलों का निशाना मुख्य रूप से आम नागरिक और क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बनाया गया। GCC में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर और ओमान शामिल हैं। ये हमले ईरान पर हुए समन्वित हमलों के बाद शुरू हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले सीधे तौर पर ईरान और हूती मिलिशिया जैसे उसके समर्थक समूहों द्वारा किए जा रहे हैं। हाल ही में खमिस मुशैत जैसे इलाकों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जबकि सऊदी अरब के रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में ड्रोन की गतिविधियों को रोका गया।
सुरक्षा खतरों के चलते किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज फिलहाल बंद है। रियाद में अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है, जिसमें विमानन सुविधाओं पर जोखिम की चेतावनी दी गई है। जॉर्डन और मिस्र समेत अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय साझेदार इस बिगड़ती स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि तेहरान किसी भी बाहरी दबाव या धमकी को स्वीकार नहीं करता है। वहीं, GCC अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि सदस्य देशों और उनके राजनयिक केंद्रों पर हो रहे इन हमलों को तुरंत रुकवाया जाए।