मदीना पर मिसाइल हमले के बाद सऊदी अरब के साथ आया जीसीसी, सुरक्षा का किया संकल्प
मदीना पर हूती मिसाइल हमले के बाद GCC देशों ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई और उसकी संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया।

रियाद: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य देशों ने सऊदी अरब के साथ अपनी अटूट एकजुटता जाहिर की है। GCC देशों ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा और उसकी सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करने का संकल्प लिया है।
यह फैसला 5 नवंबर, 2026 को मिली उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें बताया गया कि यमन में वैधता बहाल करने वाले गठबंधन ने हूती बलों द्वारा मदीना क्षेत्र की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया।
कतर के विदेश मंत्रालय ने 5 नवंबर, 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में मदीना को निशाना बनाने की इस कोशिश की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब की सुरक्षा सभी खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा का एक अविभाज्य और अभिन्न हिस्सा है।
इससे पहले 4 नवंबर, 2026 को शूरा, रिप्रेजेंटेटिव्स, नेशनल और उम्मा काउंसिल के अध्यक्षों की 20वीं बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सदस्यों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस और साझा प्रयासों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया था।
GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने 5 नवंबर, 2026 को एक संयुक्त समिति की बैठक के दौरान खाड़ी देशों की एकीकृत कार्रवाई की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक संगठित प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
उसी दिन GCC के आंतरिक मंत्रालयों के अंडरसेक्रेटरीज ने भी एक बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई ताकि मौजूदा खतरों का सामना किया जा सके।