बहरीन में जीसीसी देशों के मंत्रियों ने रेल समझौते पर किए हस्ताक्षर, 2030 तक दौड़ेगी ट्रेन
खाड़ी देशों ने एकीकृत रेलवे नेटवर्क के लिए ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2030 तक पूरा होगा 2100 किमी लंबा यह प्रोजेक्ट।

बहरीन: खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह सदस्य देशों ने क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 8 नवंबर, 2026 को बहरीन में आयोजित एक बैठक के दौरान सभी सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों ने 'जनरल रेलवे एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता एक एकीकृत क्रॉस-बॉर्डर रेल नेटवर्क के संचालन के लिए जरूरी नियामक ढांचा तैयार करेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान को एक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
इस पूरे नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 2,100 से 2,117 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट की निगरानी रियाद स्थित जीसीसी रेलवे अथॉरिटी कर रही है, जो सभी सदस्य देशों के बीच तकनीकी विशिष्टताओं के समन्वय का काम देख रही है।
नेटवर्क की तकनीकी जानकारी के मुताबिक, पैसेंजर ट्रेनें 200 से 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। वहीं, माल ढुलाई के लिए ट्रेनों की गति 80 किमी से 120 किमी प्रति घंटे के बीच तय की गई है।
मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रोजेक्ट 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर 2030 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नेटवर्क के मुख्य हिस्सों में बहरीन और सऊदी अरब को जोड़ने वाला 'किंग हमद कॉजवे' और यूएई व ओमान को जोड़ने वाला 'हाफीत रेल' प्रोजेक्ट शामिल है।
बहरीन के परिवहन और दूरसंचार मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन अहमद अल खलीफा ने व्यापार को बढ़ाने और यात्रियों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए इस विकास कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया।
इस रेल नेटवर्क को सड़क, हवाई और समुद्री परिवहन के एक टिकाऊ विकल्प के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय माल ढुलाई की लागत को कम करना और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करना है।