GCC Unified Tourist Visa: एक वीज़ा से घूम सकेंगे 6 देश, जानिए पूरी प्रक्रिया और नियम.

गल्फ देशों में घूमने का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। जी हां, लंबे समय से चर्चा में चल रहा GCC Unified Gulf Tourist Visa अब अपने आखिरी यानी फाइनल टेक्निकल और रेगुलेटरी स्टेज पर पहुंच गया है। इस बात की आधिकारिक घोषणा 7 September 2026 को रियाद में हुई सिक्योरिटी एंड हिस्ट्री डायलॉग के दौरान जीसीसी के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi द्वारा की गई। इस नए प्रोजेक्ट के आने से उन सभी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो एक ही ट्रिप में कई गल्फ देशों की यात्रा करना चाहते हैं।
छह देशों के लिए होगा एक ही परमिट
इस नई व्यवस्था के तहत गल्फ सहयोग परिषद यानी GCC के सभी छह सदस्य देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Qatar, Kuwait, Bahrain और Oman के पासपोर्ट अधिकारियों ने मिलकर पूरी तैयारी कर ली है। आपको बता दें कि इस शानदार प्रोजेक्ट को मूल रूप से नवंबर 2023 में मस्कट में हुई जीसीसी के आंतरिक मंत्रियों की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य यात्रा को बेहद आसान बनाना है, ताकि पर्यटक अलग-अलग ई-वीज़ा लेने के झंझट से बच सकें और एक ही परमिट के जरिए सभी छह देशों में घूम सकें। हालांकि, साफ किया गया है कि इस योजना में ईरान शामिल नहीं है।
वीज़ा की फीस और समय सीमा से जुड़ी अहम बातें
हालांकि अभी अंतिम आधिकारिक सर्कुलर आना बाकी है, लेकिन सामने आई जानकारी के मुताबिक इस सिंगल मल्टी-कंट्री वीज़ा की अनुमानित फीस USD 90 से USD 150 के बीच हो सकती है। इस वीज़ा की वैधता 30 days (सिंगल-एंट्री के लिए) से लेकर 60 से 90 days (मल्टीपल-एंट्री के लिए) तक हो सकती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 3 to 7 working days का समय लगने की उम्मीद है। यात्रियों को इसके लिए आवेदन उस देश के पोर्टल के माध्यम से करना होगा जो उनकी यात्रा का पहला एंट्री पॉइंट होगा।
प्रवासियों और भारतीय समुदाय पर असर
गल्फ देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों, खासकर करीब 9 million भारतीय प्रवासियों के लिए यह सिस्टम एक देश से दूसरे देश की यात्रा को बेहद सरल बना देगा। हालांकि, अधिकारियों ने सलाह दी है कि निवासी अपने मौजूदा रेजिडेंसी डॉक्यूमेंट्स जैसे Emirates ID, iqama, या Civil ID को हमेशा अपने पास रखें। साथ ही, क्षेत्रीय नियम जैसे Kuwait के 1 September 2026 से लागू नए लीव-परमिट नियम और Qatar की रेजिडेंस-परमिट रद्द करने की 14-day grace period जैसी नीतियां अपने स्थान पर लागू रहेंगी। यात्रियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि यह वीज़ा कोई रेजिडेंसी नहीं देता है और यात्रा के समय उनका पासपोर्ट कम से कम six months तक वैध होना चाहिए। आधिकारिक मार्गदर्शन मिलने तक किसी भी तरह की नॉन-रिफंडएबल मल्टी-सिटी बुकिंग करने से बचने की सलाह दी गई है।