GCC Unified Tourist Visa: गल्फ देशों में घूमने के लिए जल्द आएगा सिंगल वीज़ा, छह देशों में घूम सकेंगे एक ही अनुमति पर

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव Jasem Albudaiwi ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को यह बड़ा ऐलान किया कि बहुप्रतीक्षित यूनिफाइड गल्फ टूरिस्ट वीज़ा प्रोजेक्ट बहुत जल्द लॉन्च किया जाएगा। इस योजना के शुरू होने से खाड़ी देशों में आने वाले पर्यटकों और प्रवासियों के लिए यात्रा करना बेहद आसान हो जाएगा और क्षेत्रीय एकीकरण को एक नया बढ़ावा मिलेगा। रियाद में आयोजित 'Security and History Dialogue' कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए महासचिव ने स्पष्ट किया कि यह कदम छह सदस्य देशों Bahrain, Kuwait, Oman, Qatar, Saudi Arabia और United Arab Emirates के बीच यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाएगा।
जीसीसी ग्रैंड टूरिज्म वीज़ा की मुख्य विशेषताएं
इस यूनिफाइड वीज़ा को अक्सर 'GCC Grand Tours Visa' कहा जाता है, जिसे साल 2023 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल द्वारा आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। यूरोपीय शेंगेन वीज़ा की तर्ज पर तैयार किया गया यह वीज़ा यात्रियों के लिए यात्रा प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल बनाने का काम करेगा। इस सिंगल परमिट के जरिए गैर-जीसीसी नागरिक आसानी से सभी छह सदस्य देशों की यात्रा कर सकेंगे। आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसे एक यूनिफाइड जीसीसी पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
इस वीज़ा के लिए आवश्यक दस्तावेजों में कम से कम 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट, एक स्टैंडर्ड फोटोग्राफ और सभी जीसीसी सदस्य देशों को कवर करने वाला ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, होटल बुकिंग और आगे की या वापसी की यात्रा का प्रमाण देने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। यह वीज़ा मुख्य रूप से पर्यटन, परिवार से मिलने और दोस्तों से मिलने के लिए है। हालांकि, जीसीसी देशों के नागरिक हमेशा की तरह अपने नेशनल आइडेंटिटी कार्ड का उपयोग करके बिना किसी बाधा के सदस्य देशों के बीच यात्रा करते रहेंगे।
सालों की कड़ी मेहनत और तैयारियां
इस वीज़ा के लॉन्च की तैयारियां पिछले कई वर्षों के आपसी सहयोग का परिणाम हैं। नवंबर 2025 में, सऊदी के पर्यटन मंत्री Ahmed Al Khateeb ने भविष्यवाणी की थी कि यह वीज़ा साल 2026 तक जारी कर दिया जाएगा और उन्होंने इसे चार साल के संयुक्त प्रयासों का नतीजा बताया था। इसके अतिरिक्त, यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्री Abdulla bin Touq Al Marri ने जनवरी 2026 में यह बयान दिया था कि इस वीज़ा का एक पायलट चरण साल 2026 की अंतिम तिमाही में यूएई और बहरीन के बीच एक एयर कॉरिडोर के माध्यम से शुरू करने की योजना बनाई गई थी।
इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने के लिए वर्तमान में खाड़ी देशों के आंतरिक मंत्रालय और आव्रजन विभाग लॉजिस्टिक तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी राहत भरी है, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग देशों के लिए अलग वीज़ा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कदम से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और बिजनेस के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों का समय भी बचेगा।