यूएई और सऊदी अरब में जेमिनी एआई बना सबसे बड़ा सर्च ट्रेंड, लोग डिजिटल टूल्स अपना रहे
गूगल की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई और सऊदी अरब में जेमिनी एआई टॉप सर्च ट्रेंड बन गया है। लोग करियर और पढ़ाई के लिए एआई टूल्स अपना रहे हैं।

दुबई: गूगल की 'ईयर इन सर्च' एनालिसिस के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब में जेमिनी एआई (Gemini AI) सबसे बड़े सर्च ट्रेंड के रूप में उभरा है। रिपोर्ट बताती है कि इन देशों में लोगों की डिजिटल आदतें तेजी से बदल रही हैं और वे प्रोफेशनल व एजुकेशनल तरक्की के लिए जेनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।
यह रुझान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में चल रहे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई रणनीतियों का असर है। इसमें सऊदी अरब का विजन 2030 और यूएई की विभिन्न एआई पहलें शामिल हैं। नवंबर 2026 की शुरुआत तक गूगल ने यूएई और पूरे मध्य पूर्व (MENA) क्षेत्र में अपने 'एआई मोड' का विस्तार कर दिया है।
यह नया फीचर जेमिनी 2.5 मल्टीमोडल एआई मॉडल पर आधारित है। इसकी मदद से यूजर्स टेक्स्ट, आवाज और इमेज के जरिए सर्च रिजल्ट्स के साथ बातचीत कर सकते हैं। गूगल का लक्ष्य सर्च इकोसिस्टम में सीधे तौर पर बातचीत करने वाले और संदर्भ-जागरूक (context-aware) जवाबों को शामिल करना है।
इस बदलाव में गूगल के साथ-साथ यूएई के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इकोनॉमी और रिमोट वर्क एप्लीकेशन ऑफिस जैसे सरकारी निकाय भी शामिल हैं। इस ऑफिस ने 'एआई इन द रिंग' इंडेक्स के जरिए एआई मॉडल्स की जांच की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे स्थानीय बोलियों, संस्कृति और मूल्यों को दर्शाते हैं।
सऊदी अरब में पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने गूगल के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग का मकसद एआई हब बनाना और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से एप्लिकेशन तैयार करना है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि GCC देशों में करियर ग्रोथ और प्रतिस्पर्धा के लिए जेमिनी जैसे टूल्स में दक्षता अब जरूरी होती जा रही है।
यूएई के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राज्य मंत्री सहित क्षेत्रीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि एआई मॉडल्स को राष्ट्रीय पहचान, विरासत और प्रामाणिक क्षेत्रीय मूल्यों के साथ जोड़ा जाए।