यूएई और सऊदी अरब में जेमिनी एआई बना सर्च ट्रेंड का राजा, गूगल रिपोर्ट का खुलासा

यूएई और सऊदी अरब में जेमिनी एआई का क्रेज बढ़ा। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के 85% कर्मचारी अब काम में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Gautam Sahu8 November 20262 min read0 viewsWorld
यूएई और सऊदी अरब में जेमिनी एआई बना सर्च ट्रेंड का राजा, गूगल रिपोर्ट का खुलासा

दुबई: यूएई और सऊदी अरब में डिजिटल सर्च के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। गूगल की 'ईयर इन सर्च' रिपोर्ट, जो नवंबर 2026 की शुरुआत में जारी हुई, के मुताबिक इन दोनों देशों में जेमिनी एआई (Gemini AI) सर्च ट्रेंड्स में सबसे ऊपर रहा है। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ प्रवासी कर्मचारी भी अब अपनी प्रोफेशनल और एजुकेशनल जरूरतों के लिए जनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।

एआई के इस्तेमाल को लेकर ओलिवर वायमन फोरम की '300,000 वॉयस: यूएई एडिशन' रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 5 नवंबर 2026 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, यूएई में 85 प्रतिशत कर्मचारी अब अपने कार्यक्षेत्र में एआई का उपयोग कर रहे हैं। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है, जबकि यूरोप में यह 66 प्रतिशत और उत्तरी अमेरिका में 72 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यूएई के लगभग आधे कर्मचारी रोजाना एआई का इस्तेमाल करते हैं, जबकि वैश्विक औसत केवल 21 प्रतिशत है। एआई की इस बढ़ती पैठ से जीसीसी (GCC) लेबर मार्केट की सूरत बदल रही है, जहां अब डिजिटल साक्षरता को सबसे ज्यादा अहमियत दी जा रही है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्रोफेशनल्स एआई में महारत हासिल कर रहे हैं, उन्हें करियर में बढ़त मिल रही है, जबकि इस कौशल की कमी वाले लोगों के सामने चुनौतियां बढ़ सकती हैं। कंपनियों ने भी अब अपने कामकाज के तरीकों में एआई को शामिल करना शुरू कर दिया है। अब नियोक्ता 'एआई विजिबिलिटी' पर ध्यान दे रहे हैं ताकि एआई-जनरेटेड सर्च रिजल्ट्स के दौर में उनके ब्रांड प्रासंगिक बने रहें।

इस डिजिटल बदलाव के पीछे सऊदी अरब का 'विजन 2030' और यूएई की 'नेशनल एआई स्ट्रैटेजी 2031' जैसी राष्ट्रीय रणनीतियां काम कर रही हैं। ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने यूएई के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में एआई को जोड़ने के लिए ADNOC और G42 जैसी संस्थाओं के साथ हुई रणनीतिक साझेदारियों का जिक्र किया।

हालांकि, एआई के भारी इस्तेमाल के बावजूद 'स्केलिंग गैप' एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई संगठन अब भी एआई टूल्स को पायलट प्रोग्राम से निकालकर पूरी तरह से एंटरप्राइज इंटीग्रेशन में लाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, तेजी से बदलती अर्थव्यवस्थाओं में करियर की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इन तकनीकों को अपनाना जरूरी है।

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