वैश्विक व्यापार को बंधक बना रहे ईरान और हूती विद्रोही, जर्मन विदेश मंत्री ने लाल सागर में हमलों को लेकर दी चेतावनी

जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों को वैश्विक व्यापार को बंधक बनाने जैसा बताया है।

Gautam Sahu23 October 20262 min read0 viewsWorld
वैश्विक व्यापार को बंधक बना रहे ईरान और हूती विद्रोही, जर्मन विदेश मंत्री ने लाल सागर में हमलों को लेकर दी चेतावनी

बर्लिन: जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने ईरान और हूती मिलिशिया को कड़ी चेतावनी देते हुए लाल सागर और आसपास के इलाकों में उनकी गतिविधियों की निंदा की है। वेडफुल ने कहा कि जहाजों और पड़ोसी देशों पर हो रहे अंधाधुंध हमलों को अब रुकना होगा। उन्होंने इन समूहों पर वैश्विक व्यापार को बंधक बनाने और दुनिया भर में ऊर्जा व उर्वरक की जरूरी सप्लाई को रोकने का आरोप लगाया है।

विदेश मंत्री ने बताया कि इन हमलों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, जो पेट्रोल पंपों की कीमतों और सुपरमार्केट में खाने-पीने के सामान के दामों में दिख रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि उर्वरक की डिलीवरी में देरी की वजह से अकाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

वेडफुल ये बातें इस्तांबुल में होने वाली मंत्रिस्तरीय बातचीत से पहले कह रहे हैं, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को सुरक्षित करना है। उन्होंने अमेरिका-ईरान टकराव, यमन संघर्ष और ब्लैक सी में रूसी हमलों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने की वकालत की है।

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समुद्री सुरक्षा की स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। अक्टूबर 2026 में मार्च के बाद से वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई है। इसी बीच 23 अक्टूबर को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अधिकारियों ने एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को रोका। इस महीने रियाद में इस तरह की सात घटनाएं हो चुकी हैं।

दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि 22 अक्टूबर को उन्होंने लाल सागर में जबल जुकर द्वीप के पास एक नाव पर हुए हमले के बाद 14 भारतीय नागरिकों को बचाने की कोशिश की। हूतियों ने इस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। भारत ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 20 अक्टूबर को बताया कि शांति वार्ता के लिए उनके द्वारा दिए गए मध्यस्थता के प्रस्ताव पर सऊदी अरब या हूतियों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन का कहना है कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध हैं।

इन परिस्थितियों के बीच यूरोपीय संघ अपने सदस्य देशों से लाल सागर में नौसेना मिशन 'ऑपरेशन एस्पाइडेस' (Operation ASPIDES) को मजबूत करने का आग्रह कर रहा है ताकि वाणिज्यिक जहाजों को बेहतर सुरक्षा मिल सके।

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