जर्मनी से नेपाल लौटे 13वीं से 20वीं सदी के 800 से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेज

नेपाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। देश के 13वीं से लेकर 20वीं सदी तक के 800 से अधिक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज जर्मनी से वापस नेपाल लौट आए हैं। इन दस्तावेजों को राजधानी काठमांडू स्थित राष्ट्रीय अभिलेखालय को आधिकारिक तौर पर सौंप दिया गया है। इस ऐतिहासिक वापसी से नेपाल की सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक अखंडता को एक नया संप्रभु स्वामित्व मिला है, जिससे देश के इतिहास प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह पूरा मामला तब आगे बढ़ा जब एक जर्मन नागरिक के निजी संग्रह में ये अमूल्य दस्तावेज सुरक्षित थे। हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों और जर्मनी स्थित नेपाली दूतावास के मिले-जुले प्रयासों से इन्हें वापस लाना संभव हो पाया। विदेश मंत्री की मौजूदगी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन दस्तावेजों को राष्ट्रीय अभिलेखालय के हवाले किया गया। इस अनमोल संग्रह में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां, शाही फरमान, लालमोहर वाले कागजात, अदालती आदेश, संस्कृत ग्रंथ और कई पुरानी यात्रा डायरी शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि ये दस्तावेज नेपाल के राजनीतिक, कानूनी और बौद्धिक विकास को करीब से समझने के लिए एक शानदार स्रोत साबित होंगे।