ज़ुबाब एयरपोर्ट के पास हूती हमला नाकाम, गठबंधन के हवाई हमले तेज

यमन के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास एक बार फिर जंग तेज हो गई है। सरकार समर्थित सदर्न जायंट्स ब्रिगेड्स ने 5 और 6 अक्टूबर 2026 के बीच ज़ुबाब एयरपोर्ट के उत्तर में हुए बड़े हूती हमले को नाकाम करने का दावा किया है। ख़बरों के मुताबिक इस लड़ाई में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों को जान और सैन्य साज़ो-सामान का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
इस कार्रवाई में सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन ने भी हवाई मोर्चा संभाला। गठबंधन के विमानों ने आगे बढ़ रही हूती कुमक को निशाना बनाया, ताकि बाब अल-मंदेब के रणनीतिक इलाके में सुरक्षा बनी रहे।
"ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन" और दावों की जंग
यह लड़ाई उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसे जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशनल शील्ड फोर्सेज ने "ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन" नाम से शुरू किया है। मक़सद है ज़ुबाब एयरपोर्ट के आसपास और बाब अल-मंदेब गलियारे में ज़मीन पर पकड़ मज़बूत करना।
हालांकि मैदान की तस्वीर पर दावे अलग-अलग हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा कि 7 और 8 अक्टूबर को उन्होंने इलाके में कुछ ठिकाने वापस ले लिए। यमनी सरकार के अधिकारियों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए औपचारिक रूप से इनकार किया है। स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
10 अक्टूबर को गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि यमनी सरकारी बलों को चौबीसों घंटे हवाई सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार गठबंधन अब तक हूती-नियंत्रित इलाकों में 136 सैन्य ठिकाने तबाह कर चुका है। यह सिलसिला बाब अल-मंदेब को सुरक्षित करने की पहले की कोशिशों के बाद आगे बढ़ा है।
तनाव सिर्फ यमन की सीमाओं तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक हूती गुट ने जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब के अभा और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ-साथ यमन के अदन एयरपोर्ट को भी निशाना बनाने की कोशिश की।
इस बीच गठबंधन को अमेरिका से कूटनीतिक समर्थन मिला है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि सऊदी अरब को हूती हमलों से अपने इलाके की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। साफ है कि लाल सागर के मुहाने पर चल रही यह लड़ाई अभी थमने वाली नहीं दिखती, और आने वाले दिनों में ज़ुबाब के आसपास की स्थिति पर सबकी नज़र रहेगी।