बाब अल-मंडाब मोर्चे पर बड़ी कार्रवाई, जाइंट्स फोर्स ने कई हूती लड़ाकों को पकड़ा

यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडाब मोर्चे पर एक बड़ी सैन्य सफलता मिली है। यहाँ तैनात दक्षिणी जाइंट्स फोर्स ने एक सफल ऑपरेशन के दौरान हूती मिलिशिया के कई सदस्यों को बंदी बना लिया है। यह कार्रवाई उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेनाएं ईरान समर्थित हूती आंदोलन से अपना खोया हुआ क्षेत्र वापस पाने के लिए चला रही हैं।
तटीय क्षेत्रों को सुरक्षित करने की कोशिशें अब तेज हो गई हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 5 अक्टूबर तक सरकारी सेनाओं ने मोखा पोर्ट सिटी और धुबाब शहर पर दोबारा नियंत्रण पा लिया है। सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरयानी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सैनिकों ने अब प्रभावी रूप से बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस पूरी सैन्य बढ़त में गठबंधन की वायुसेना की बड़ी भूमिका रही है, जहाँ करीब 100 लड़ाकू विमानों ने हूती ठिकानों को निशाना बनाया है।
क्षेत्रीय नियंत्रण और वैश्विक प्रभाव
हालांकि हूती समूह ने इन क्षेत्रीय नुकसानों से इनकार करते हुए इन्हें मनगढ़ंत बताया है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद अहम है, क्योंकि बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का सीधा असर स्वेज नहर और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ता है।
इस बीच, सऊदी अरब ने अपने कड़े रुख को दोहराते हुए कहा है कि जब तक यमन सरकार पूरी तरह से अपना नियंत्रण बहाल नहीं कर लेती, तब तक हूती आंदोलन के साथ किसी भी तरह के युद्धविराम पर विचार नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 9 अक्टूबर 2026 को यमन की बिगड़ती स्थिति पर एक ब्रीफिंग आयोजित करने जा रही है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ताजा हालातों की जानकारी देंगे।