गिलगित-बाल्टिस्तान में व्यापारी टैक्स, फूड एक्ट के विरोध में बाज़ार बंद

गिलगित (पाक अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान): पाक अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में व्यापारियों ने टैक्स नीतियों और फूड एक्ट 2022 को लागू करने के विरोध में बाज़ार बंद कर दिए। ANI की खबर के मुताबिक 14 अक्टूबर को हुए इस प्रदर्शन में व्यापारियों ने कहा कि पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे कारोबार पर अब और बोझ डाला जा रहा है।
विरोध सख्त फीस ढांचे, अनिवार्य पंजीकरण और फूड एक्ट 2022 के तहत लागू टैक्स वसूली के उपायों के खिलाफ है। व्यापारियों और उनके प्रतिनिधि संगठनों का कहना है कि इन नियमों से इलाके के कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
अंजुमन-ए-ताजिरान के अध्यक्ष फखरुद्दीन ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने इलाके में कानून लागू न करने के पहले के भरोसे को तोड़ दिया है। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उपायों के जरिए कारोबारी समुदाय पर लगातार दबाव डाला जाता रहा है।
फखरुद्दीन ने विदरिंग टैक्स के खिलाफ पहले हुए सात दिन के प्रदर्शन का भी जिक्र किया और उसे पूरे इलाके के व्यापारियों का ऐतिहासिक आंदोलन बताया। उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से निराशा भी जताई। उनके मुताबिक उन्हें उम्मीद थी कि गरीबों के हितों की बात करने वाली यह पार्टी सत्ता में आने के बाद आम लोगों की चिंताओं पर ध्यान देगी।
फखरुद्दीन ने इन उपायों की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अपने रुख पर दोबारा विचार करने की अपील की। उन्होंने देश और गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों की आर्थिक परेशानियों का हवाला देते हुए सरकार से निवासियों की वित्तीय स्थिति और मांगों का ख्याल रखने को कहा। ANI के मुताबिक इस बंद से इलाके के व्यापारियों में टैक्स और नियामक नीतियों को लेकर बढ़ती नाराज़गी साफ दिखती है, जिसमें फूड एक्ट का लागू होना सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है।