मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: वैश्विक हवाई यात्री मांग में 0.8% की गिरावट दर्ज

दुनिया भर में हवाई यात्रा के शौकीनों और एयरलाइंस के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। अगस्त 2026 में वैश्विक हवाई यात्री मांग में पिछले साल के मुकाबले 0.8 प्रतिशत की कमी आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता और व्यवधानों को माना जा रहा है, जिसने वैश्विक विमानन बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
IATA के आंकड़ों ने खोली बाजार की सच्चाई
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, हालांकि कुल यात्री क्षमता में 0.3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन दुनिया भर में यात्री लोड फैक्टर (passenger load factor) गिरकर 85.1 प्रतिशत पर आ गया है। यह पिछले साल की तुलना में 0.9 प्रतिशत कम है।
विस्तार से देखें तो:
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा: अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्रा में 0.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
- घरेलू मार्ग: घरेलू उड़ानों की मांग में भी 0.5 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि घरेलू क्षमता में 0.7 प्रतिशत का विस्तार हुआ है।
मिडिल ईस्ट की स्थिति ने बिगाड़ा खेल
IATA की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मुख्य अर्थशास्त्री मैरी ओवेन्स थॉमसन के अनुसार, मिडिल ईस्ट के एयरलाइंस के लिए सुधार का जो दौर चल रहा था, वह अचानक बाधित हो गया है। इस क्षेत्र के एयरलाइंस ने रिपोर्ट किया है कि मांग में साल-दर-साल 14.6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।
अगर हम मिडिल ईस्ट के प्रभाव को हटाकर देखें, तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। मिडिल ईस्ट को छोड़कर, अंतरराष्ट्रीय हवाई मांग में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल वैश्विक मांग में 0.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इससे स्पष्ट होता है कि समस्या पूरी दुनिया में नहीं, बल्कि विशेष रूप से मध्य पूर्व के संकट के कारण है।
क्षेत्रीय प्रदर्शन पर एक नजर
विभिन्न क्षेत्रों में हवाई यात्रा की स्थिति इस प्रकार रही:
- यूरोप: यूरोपीय एयरलाइंस ने 2.1 प्रतिशत की मांग वृद्धि दर्ज की, जिसका मुख्य कारण एशिया जाने वाले मार्गों पर बढ़ी हुई हलचल थी।
- लैटिन अमेरिका और अफ्रीका: इन दोनों क्षेत्रों में 6.7 प्रतिशत की शानदार मांग वृद्धि देखी गई।
- एशिया-प्रशांत: इस क्षेत्र में मांग में 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जिसमें एशिया के भीतर के मार्गों पर दबाव देखा गया।
- उत्तरी अमेरिका: यहाँ अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक में 1.7 प्रतिशत की कमी आई है।
भारत और चीन की स्थिति
घरेलू बाजार की बात करें तो चीन में गर्मियों की छुट्टियों के कारण मांग में बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, भारत के घरेलू बाजार में 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो एक महत्वपूर्ण संकेत है। वहीं अमेरिका और जापान में भी घरेलू यात्री संख्या में कमी आई है।
भविष्य की राह: क्या सुधार होगा?
मैरी ओवेन्स थॉमसन ने चेतावनी दी है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण यात्रियों की क्रय शक्ति कम हुई है। साथ ही, मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता लोगों को यात्रा के बजट में कटौती करने के लिए मजबूर कर सकती है। हालांकि, अक्टूबर के लिए उपलब्ध सीटों में 2.0 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जो बाजार में एक सतर्क आशावाद (cautious optimism) को दर्शाता है।