पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ग्लोबल कंटेनर फ्रेट रेट्स में 130 फीसदी का उछाल आया जिससे शिपिंग लागत बढ़ गई है

Gautam Sahu19 October 20262 min read0 viewsWorld
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ग्लोबल कंटेनर फ्रेट रेट्स में 130 फीसदी का उछाल आया जिससे शिपिंग लागत बढ़ गई है

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़े तनाव के कारण ग्लोबल कंटेनर फ्रेट रेट्स में भारी बढ़ोतरी हुई है। जेफरीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 से अब तक शिपिंग दरों में 130 प्रतिशत का उछाल आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े व्यवसायों की चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि फरवरी 2026 में ग्लोबल फ्रेट रेट्स करीब 2,000 से 2,500 अमेरिकी डॉलर थे, जो अक्टूबर 2026 तक बढ़कर लगभग 4,000 से 4,500 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गए हैं। साल 2025 की शुरुआत से इन दरों में लगातार गिरावट आ रही थी, लेकिन हालिया तनाव ने इन्हें फिर से बढ़ा दिया है।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब भारत के कंटेनर आधारित निर्यात और आयात व्यापार में मजबूती देखी गई है। सितंबर 2026 में इस व्यापार के मूल्य में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें निर्यात 22 प्रतिशत और आयात 23 प्रतिशत बढ़ा।

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निर्यात के आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर में अमेरिका को होने वाले निर्यात में 48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके उलट, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब को होने वाले निर्यात में सालाना आधार पर 12 से 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

बंदरगाहों के ट्रैफिक डेटा में अलग-अलग रुझान दिखे हैं। सितंबर 2026 में प्रमुख बंदरगाहों पर वॉल्यूम 13 प्रतिशत बढ़ा, जबकि गैर-प्रमुख बंदरगाहों पर इसमें 1 प्रतिशत की कमी आई। गुजरात के बंदरगाहों पर वॉल्यूम 3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बंदरगाहों पर 6 से 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, भारत के पूर्वी तट के प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों पर इस दौरान भारी गिरावट देखी गई।

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहने के बावजूद शिपिंग लाइनों की स्वेज नहर में वापसी एक महत्वपूर्ण कारक है जिस पर नजर रखनी होगी। शिपिंग रूट में किसी भी बदलाव का असर ग्लोबल फ्रेट रेट्स पर पड़ सकता है।

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