मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आया

लंदन: मिडिल ईस्ट में सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं और लाल सागर में जहाजों के लिए बढ़ते खतरों की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 85 सेंट बढ़कर 109.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक कीमतें 110.10 डॉलर तक गईं।
इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में 76 सेंट की वृद्धि हुई और यह 98.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार के कुछ मूल्यांकन में यह कीमत 99 डॉलर तक भी देखी गई। इससे पहले के सत्र में ब्रेंट 108.79 डॉलर पर बंद हुआ था।
कीमतों में यह उतार-चढ़ाव क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद आया है। मंगलवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में एक सुपरटैंकर समुद्री माइन से टकराने के बाद उसमें आग लग गई। ईरान का दावा है कि यह जहाज उनके नियमों का उल्लंघन कर रहा था।
दूसरी ओर, यमन के हूती समूह ने सोमवार को सऊदी अरामको के यानबू साइट, शायबाह तेल क्षेत्र और रियाद व आभा के हवाई अड्डों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। हूतियों ने सोमवार को यमन के सरकारी बलों पर भी हमला किया, जिसमें 73 लोगों की मौत हो गई।
LSEG के विश्लेषकों के मुताबिक, टैंकरों पर हमले अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर ओमान की खाड़ी तक फैल गए हैं। शिप-ट्रैकिंग फर्म केप्लर ने पिछले दो हफ्तों में कम से कम 18 जहाजों पर हमलों का रिकॉर्ड दर्ज किया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि शांति वार्ता के लिए दिए गए उनके प्रस्ताव पर सऊदी अरब या हूतियों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के दो अधिकारियों ने मंगलवार को पुष्टि की कि वे डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए वैश्विक रिफाइनरियों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि ईंधन उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसके अलावा, रॉयटर्स के एक पोल के अनुसार पिछले हफ्ते अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार में गिरावट आने की उम्मीद है।