Global Oil Prices: अमेरिका और ईरान की जंग से दुनिया भर में तेल के दाम बढ़े, कमर्शियल जहाजों पर भी असर.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य तनातनी का असर अब दुनिया भर के बाजारों पर साफ दिखने लगा है। इस टकराव के बढ़ने के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल यानी Global Oil Prices की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। इस पूरी स्थिति ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजें और पेट्रोल-डीजल महंगे होने का डर बन गया है।
कैसे शुरू हुआ यह ताजा विवाद और सैन्य कार्रवाई
यह पूरा मामला 30 अगस्त 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी US Central Command (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लराक द्वीप पर स्थित ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के खतरे को देखते हुए की गई थी क्योंकि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की तैयारी कर रहा था। अमेरिका की इस एयरस्ट्राइक के जवाब में 31 अगस्त 2026 को IRGC ने जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी सैन्य अड्डों किंग हुसैन और अल अजराक पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया। जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने आसमान में ही 8 मिसाइलों को रोक लिया था। ईरान के संगठन ने इस हमले को स्वीकार किया और कहा कि लराक द्वीप पर हुए हमले में उनके लड़ाके और आम नागरिक हताहत हुए हैं जिसका बदला अमेरिका से लिया जाएगा।
कमर्शियल शिपिंग और समुद्री व्यापार पर भारी असर
इस फौजी तनाव की वजह से समंदर के रास्ते होने वाला व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 30 अगस्त तक CENTCOM ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के तहत 83 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया था, 3 जहाजों को बेकार कर दिया और 2 जहाजों पर कब्जा कर लिया। इस सख्ती की वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या में बहुत बड़ी गिरावट आई है। वीकेंड के दौरान केवल 5 जहाज ही इस रास्ते से पार निकल पाए। इस पूरे घटनाक्रम की लाइव कवरेज Al Jazeera English द्वारा लगातार की जा रही है जिससे दुनिया भर के लोगों को पल-पल की जानकारी मिल रही है।