मिडिल ईस्ट संघर्ष से दुनिया भर की रिफाइनरियों में 6 फीसदी घटे तेल इनपुट

मिडिल ईस्ट संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण ग्लोबल रिफाइनरी इनपुट्स में भारी गिरावट आई है, जिससे डीजल कीमतें बढ़ीं।

Gautam Sahu5 November 20262 min read0 viewsWorld
मिडिल ईस्ट संघर्ष से दुनिया भर की रिफाइनरियों में 6 फीसदी घटे तेल इनपुट

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष के कारण दुनिया भर की तेल रिफाइनरियों में कच्चे तेल के इनपुट में भारी कमी आई है। यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से एशिया और मिडिल ईस्ट की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में रिफाइनिंग गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है।

एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून वाली दूसरी तिमाही में ग्लोबल रिफाइनरी इनपुट्स पिछली तिमाही के मुकाबले 6 फीसदी या 48 लाख बैरल प्रति दिन (b/d) गिर गए। हालांकि, तीसरी तिमाही में रिफाइनरों द्वारा व्यापार प्रवाह और आपूर्ति के वैकल्पिक रास्तों को अपनाने के बाद इसमें 18 लाख बैरल प्रति दिन का सुधार देखा गया।

इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर उन देशों में दिखा जो कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। चीन में दूसरी तिमाही में रिफाइनरी इनपुट 21 लाख बैरल प्रति दिन कम हुए और तीसरी तिमाही में इसमें 8 लाख बैरल प्रति दिन की और गिरावट आई।

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भारत, दक्षिण कोरिया और जापान में दूसरी तिमाही के दौरान कच्चे तेल के इनपुट में 10 लाख बैरल प्रति दिन से ज्यादा की कमी आई, हालांकि अगली तिमाही में इसमें 8 लाख बैरल प्रति दिन की रिकवरी हुई। मिडिल ईस्ट में भी शिपिंग प्रतिबंधों के कारण रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में कमी आई, जिससे रिफाइनिंग गतिविधियां कमजोर हुईं।

दूसरी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में इनपुट 7-7 लाख बैरल प्रति दिन घटे, जबकि सऊदी अरब में 3 लाख और ईरान में 2 लाख बैरल प्रति दिन की गिरावट दर्ज की गई। इन चारों देशों के कुल रिफाइनरी इनपुट में तीसरी तिमाही में 4 लाख बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी हुई।

रूस में भी रिफाइनरी संचालन पर दबाव रहा, क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच तेल बुनियादी ढांचे पर हमले बढ़े। रूस में कच्चे तेल के इनपुट दूसरी तिमाही में 6 लाख और तीसरी तिमाही में 8 लाख बैरल प्रति दिन कम हुए।

ईआईए ने बताया कि रूस, एशिया और मिडिल ईस्ट में रिफाइनिंग संचालन में आई इस बाधा की वजह से डीजल की कीमतों में उछाल आया और सितंबर में ये अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

दूसरी ओर, अमेरिका में दूसरी और तीसरी दोनों तिमाहियों में रिफाइनरी इनपुट 5-5 लाख बैरल प्रति दिन बढ़े। अमेरिका ने दुनिया के अन्य हिस्सों में आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए रिफाइंड उत्पादों के निर्यात में तेजी लाई।

तीसरी तिमाही में सुधार के बावजूद, ग्लोबल रिफाइनरी इनपुट्स 2025 की समान अवधि के स्तर से लगभग 5 प्रतिशत नीचे रहे। इससे पता चलता है कि कच्चे तेल का प्रवाह धीरे-धीरे सुधरने के बावजूद वैश्विक रिफाइनिंग गतिविधियों में व्यवधान जारी रहा।

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