सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती हमले में गोरखपुर का बस ड्राइवर मारा गया
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में गोरखपुर का बस ड्राइवर कमलेश पांडे मारा गया। हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

दम्माम: सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती बलों द्वारा किए गए ड्रोन या मिसाइल हमले में गोरखपुर का एक भारतीय नागरिक मारा गया है। मरने वाले की पहचान गोरखपुर के किशुनपुर बगही गांव के रहने वाले 36 वर्षीय कमलेश पांडे के रूप में हुई है। वह एयरपोर्ट पर बस ड्राइवर के तौर पर काम करते थे।
कमलेश पांडे पिछले तीन-चार साल से वहां कार्यरत थे और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी सुनीता और करीब 14 और 10 साल की दो बेटियां हैं। सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय निवासी की मौत हुई है, जबकि दो भारतीयों समेत आठ लोग घायल हुए हैं।
इसी दिन एक अन्य ड्रोन हमला अरमको के शैबाह ऑयलफील्ड पर भी हुआ। इस घटना में एक फिलीपीन और एक नेपाली कर्मचारी की जान चली गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए।
इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक बड़े हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी और उनके बेटों को गंभीर चोटें आई थीं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास अब कमलेश पांडे के परिवार के साथ संपर्क कर उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दम्माम हमले में घायल दो भारतीयों में से एक को 22 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और दूसरे के जल्द डिस्चार्ज होने की उम्मीद है। शैबाह ऑयलफील्ड में घायल भारतीय कर्मचारी को भी छुट्टी दे दी गई है। रियाद हादसे में घायल भारतीयों में से दो अब भी आईसीयू में हैं, दो जनरल वार्ड में हैं और सात को छुट्टी मिल चुकी है।
विदेश मंत्रालय ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की निंदा की है। रियाद में भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे 27.4 लाख भारतीयों को स्थानीय सुरक्षा अलर्ट का पालन करने की सलाह दी है। दूतावास ने यह भी कहा है कि हमले वाली जगहों की फोटो न लें और न ही उन्हें साझा करें, क्योंकि यह सऊदी कानून का उल्लंघन है।
लगातार मिल रहे खतरों की वजह से एयरलाइनों ने सऊदी शहरों के लिए अपनी कई सेवाएं निलंबित कर दी हैं, जिससे वहां मौजूद प्रवासी श्रमिकों और तीर्थयात्रियों पर असर पड़ रहा है।