सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में गोरखपुर का कमलेश पांडे मारा गया
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडे की मौत हो गई। इस हमले में अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

दम्माम (सऊदी अरब): सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक ड्रोन हमले में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी कमलेश पांडे की मौत हो गई। यह हमला 21 अक्टूबर की रात को हुआ था, जिसमें हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया था।
36 साल के कमलेश पांडे गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र के किशनपुर (बघी) गांव के रहने वाले थे। वह पिछले तीन-चार साल से एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के तौर पर काम कर रहे थे। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और उनके परिवार में पत्नी सुनीता और 14 व 10 साल की दो बेटियां हैं।
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने पुष्टि की है कि इस हमले में दो लोगों की जान गई है। मरने वालों में कमलेश पांडे और सऊदी एयरपोर्ट कर्मचारी सुल्तान अल-काहतानी शामिल हैं, जिनकी मौत धुएं के कारण सांस रुकने से हुई। हमले में आठ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो भारतीय, दो यमनी, दो बांग्लादेशी और एक नेपाली नागरिक शामिल हैं।
रियाद में भारतीय दूतावास पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया को संभाल रहा है। दूतावास ने बताया कि घायल दो भारतीयों में से एक को 22 अक्टूबर को छुट्टी दे दी गई है और दूसरे के जल्द ही अस्पताल से बाहर आने की उम्मीद है। कमलेश के परिजन अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की औपचारिकताओं में जुटे हैं।
इससे पहले 21 अक्टूबर को ही पूर्वी प्रांत में अरमको के शैबाह तेल क्षेत्र के पास सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने एक ड्रोन को रोका था। इस दौरान गिरे मलबे से एक फिलिपीनो और एक नेपाली कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी घायल हुए।
क्षेत्र में तनाव के बीच 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की जान गई थी और दो भारतीय आईसीयू में भर्ती हुए थे। वहीं 11 अक्टूबर को ओमान के पास एमटी पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में दो भारतीय नाविक लापता हो गए थे।
फरवरी के अंत से अब तक क्षेत्रीय संघर्षों के कारण कम से कम छह भारतीयों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता है। इस स्थिति के चलते 3 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक देश छोड़कर वापस लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की है और 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू की है।
एयर इंडिया और इंडिगो की सऊदी अरब जाने वाली व्यावसायिक उड़ानें कम से कम 24 अक्टूबर तक निलंबित रहेंगी। भारत सरकार ने नागरिकों को अलर्ट के दौरान घरों के अंदर रहने और बहरीन, कुवैत या कतर जैसे वैकल्पिक केंद्रों के जरिए देश छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी है।