सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में गोरखपुर का बस ड्राइवर कमलेश पांडे मारा गया
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडे की मौत हो गई। इस हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

दम्माम (सऊदी अरब): सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 21 अक्टूबर की रात हुए ड्रोन या मिसाइल हमले में भारत के गोरखपुर का एक व्यक्ति मारा गया। मरने वाले की पहचान गोरखपुर के बंसगांव स्थित किशुन पुर गांव के रहने वाले 36 वर्षीय कमलेश पांडे के रूप में हुई है। वह एयरपोर्ट पर बस ड्राइवर और पुशबैक ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे।
कमलेश पांडे किसान हरीश चंद्र पांडे के चार बेटों में दूसरे हैं। उन्होंने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर काम करने के बाद पिछले तीन से पांच साल से सऊदी अरब में नौकरी की थी। वह अपनी पत्नी सुनीता और दो बेटियों तन्वी और तान्या के लिए घर में कमाई का इकलौता जरिया थे।
घटना से कुछ घंटे पहले ही कमलेश ने गोरखपुर में डिलीवरी बॉय का काम करने वाले अपने भाई मुकेश से बात की थी। वह करीब पांच महीने पहले ही भारत से वापस सऊदी अरब लौटे थे।
इस हमले में सऊदी एयरपोर्ट के कर्मचारी सुल्तान अल-काहतानी की भी मौत हो गई, जिन्होंने आग बुझाने के दौरान धुंआ अंदर जाने की वजह से दम तोड़ दिया। हमले में आठ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो भारतीय भी शामिल हैं। इनमें से एक भारतीय को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और दूसरे के जल्द डिस्चार्ज होने की उम्मीद है।
इसके अलावा पूर्वी प्रांत के शयबाह तेल क्षेत्र में एक ड्रोन को रोका गया, जिसमें एक अन्य भारतीय नागरिक घायल हो गया। इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की जान चली गई थी और कई भारतीय घायल हुए थे।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास कमलेश पांडे के पार्थिव शरीर को वापस लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइनों ने 24 अक्टूबर तक उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जिससे इस प्रक्रिया में देरी हो रही है।
सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि दम्माम एयरपोर्ट पर कामकाज फिर से शुरू हो गया है, लेकिन नुकसान का आकलन अभी जारी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की निंदा की है और खाड़ी देशों में स्थित दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखा है।