Grand Mosque: मक्का के मुअज्जिन शेख इब्राहिम अल-मदानी के निधन की खबर झूठी, सामने आया सच.

सोशल मीडिया पर इन दिनों मक्का की पवित्र ग्रैंड मस्जिद के मुअज्जिन Sheikh Ibrahim Al-Madani के निधन को लेकर एक बड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल खबर के बाद से दुनियाभर में उनके चाहने वाले और वहां जाने वाले लोग काफी परेशान हो गए थे। लेकिन आपको यह जानकर राहत मिलेगी कि उनकी मौत की यह खबर पूरी तरह से गलत और बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के फैलाई गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @SaudiNews50 नाम के एक हैंडल से 21 सितंबर 2026 को यह दावा किया गया था कि मुअज्जिन शेख इब्राहिम अल-मदानी अब इस दुनिया में नहीं रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर की पूरी सच्चाई
जब इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की गई तो यह बात सामने आई कि किसी भी बड़े सरकारी या आधिकारिक संस्थान ने उनके निधन को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है। सऊदी अरब के किसी भी भरोसेमंद और आधिकारिक सूत्र ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि मुअज्जिन का इंतकाल हुआ है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई बार बिना सोचे-समझे ऐसी खबरें फैला दी जाती हैं जिनसे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इस मामले में भी बिल्कुल ऐसा ही देखने को मिला जहाँ बिना किसी पुख्ता सबूत के लोगों ने उनके निधन की झूठी जानकारी शेयर करना शुरू कर दिया।
ड्यूटी पर सक्रिय रहे थे शेख इब्राहिम अल-मदानी
दावों के उलट हमारे पास मौजूद रिकॉर्ड और सबूत कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। दस्तावेजों के मुताबिक शेख इब्राहिम अल-मदानी अपने निधन की अफवाह फैलने से कुछ महीने पहले तक ग्रैंड मस्जिद में पूरी तरह से अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उन्होंने इसी साल 21 मार्च 2026 को मक्का की ग्रैंड मस्जिद में ईशा की अजान दी थी। इसके अलावा उन्होंने कुछ ही महीने बाद 3 जून 2026 को भी मक्का में ही जुहर की अजान दी थी। इन पुख्ता रिकॉर्ड्स से साफ पता चलता है कि वे हाल ही तक अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ संभाल रहे थे। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही निधन की बातें पूरी तरह से निराधार साबित होती हैं क्योंकि इसके समर्थन में कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या संस्थान की घोषणा मौजूद नहीं है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की हर खबर पर नजर रखने वाले लोगों को हमेशा ऐसी अफवाहों से सावधान रहना चाहिए और केवल आधिकारिक तथा पुख्ता जानकारियों पर ही भरोसा करना चाहिए।