Saudi Arabia: ग्रीस सऊदी अरब से हटा सकता है पेट्रियोट एयर डिफेंस सिस्टम, क्षेत्रीय तनाव के बीच चल रही है समीक्षा

ग्रीस का विदेश मंत्रालय इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि सऊदी अरब में तैनात अपने सैन्य बलों और पेट्रियोट मिसाइल सिस्टम को वहां से वापस बुलाया जाए या नहीं। पिछले पांच वर्षों से यह रक्षा प्रणाली सऊदी अरब की वायु सीमा की सुरक्षा में पूरी ताकत से जुटी हुई थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। इस समीक्षा के पीछे मुख्य कारण क्षेत्र में बदलती हुई राजनीतिक और सैन्य स्थितियां हैं, खासकर सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ नया त्रिपक्षीय रक्षा समझौता, जिसे एथेंस अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों के खिलाफ मान रहा है।
ऑपरेशनल तनाव और हालिया सैन्य गतिविधियां
यह पूरा मामला तब और गर्मा गया जब गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को ग्रीक सैनिकों ने यानबु क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ग्रीक कर्मियों ने सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों के साथ मिलकर एक साथ आए कई ड्रोनों के झुंड को सफलताપूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। इस दौरान कुल तीन मिसाइलें दागी गईं और ईरान से जुड़े संघर्ष की शुरुआत के बाद से ग्रीस द्वारा संचालित इस सिस्टम की यह तीसरी कॉम्बैट एंगेजमेंट थी। इससे पहले भी हेलेनिक फोर्स इन सऊदी अरब यानी ELDYSA ने सऊदी रिफाइनरी को निशाना बनाकर दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया था, जिनमें से दो मिसाइलें 19 मार्च को ईरान से और दो मिसाइलें 25 जुलाई को यमन से दागी गई थीं।
पेट्रियोट बैटरी की तैनाती और बजट पर बातचीत
सऊदी अरब में इस पेट्रियोट बैटरी की तैनाती साल 2021 में एक द्विपक्षीय इंटीग्रेटेड एयर एंड मिसाइल डिफेंस समझौते के तहत की गई थी। शुरुआत में रियाद की तरफ से इस सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 35.0 करोड़ यूरो (लगभग 350 मिलियन यूरो) खर्च किए जाने थे, लेकिन 28 फरवरी को युद्ध छिड़ जाने के बाद यह बातचीत बीच में ही रुक गई। युद्ध के हालात को देखते हुए गोला-बारूद के स्टॉक को बचाना पहली प्राथमिकता बन गया। ग्रीक अधिकारियों और विदेश मंत्री गेरापेट्रिटिस ने 24 अगस्त 2026 को यह साफ किया कि सैनिकों की तैनाती का यह फैसला पूरी तरह से ऑपरेशनल जरूरतों पर आधारित है। सरकार के सामने इस समय मुख्य रूप से दो ही रास्ते हैं या तो अक्टूबर में होने वाली समीक्षा तक इस तैनाती को एक महीने के लिए बढ़ा दिया जाए या फिर इस बैटरी को पूरी तरह से वापस बुलाकर ग्रीस के अपने घरेलू रक्षा तंत्र को मजबूत किया जाए, खासकर क्रीट द्वीप पर।
घरेलू स्तर पर एयर डिफेंस को आधुनिक बनाने की योजना
एक तरफ जहां सऊदी अरब से अपनी सेना को हटाने पर विचार चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ ग्रीस अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इजराइल में बने मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम पर 3.5 अरब यूरो का निवेश करने की योजना बना रहा है। देश की फॉरेन अफेयर्स एंड डिफेंस से जुड़ी सरकारी काउंसिल यानी KYSEA इस बात पर विचार-विमर्श करेगी कि सऊदी अरब में चल रहे इस मिशन का आखिरकार क्या किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, ग्रीस की कम्युनिस्ट पार्टी यानी KKE लगातार यह मांग कर रही है कि विदेश में तैनात सभी सैनिकों और सैन्य उपकरणों को तुरंत देश वापस बुला लिया जाए ताकि किसी भी बाहरी संकट से सीधे निपटा जा सके।