कर्नाटक से मालदीव भेजी गई मशहूर गुलबर्ग तुर दाल, किसानों को मिला तीस प्रतिशत ज्यादा दाम।

Praggya Singh sabal25 September 20262 min read4 viewsIndia
कर्नाटक से मालदीव भेजी गई मशहूर गुलबर्ग तुर दाल, किसानों को मिला तीस प्रतिशत ज्यादा दाम।

नई दिल्ली में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी APEDA ने कर्नाटक की जीआई-टैग वाली गुलबर्ग तुर दाल की एक मीट्रिक टन यानी 1 MT खेप को मालदीव के लिए रवाना किया। इस पहल से भारत के स्थानीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मिल रही है और किसान उत्पादक संगठनों यानी FPOs से जुड़े ब्रांड्स की वैश्विक स्तर पर हिस्सेदारी मजबूत हो रही है। यह कार्यक्रम 24 सितंबर को आयोजित किया गया था, जो देश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है।

किसानों को मिला बंपर फायदा और बेहतर कीमत

इस निर्यात की सबसे खास बात यह रही कि इससे किसानों को उनकी फसल का बहुत ही बेहतरीन दाम मिला है। आम तौर पर खुले बाजार में इस दाल की कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम चल रही है, लेकिन इस निर्यात-लिंक्ड चैनल के माध्यम से किसानों को प्रति किलोग्राम 82 रुपये का सीधा फायदा मिला है। इसका मतलब साफ है कि किसानों को स्थानीय बाजार के मुकाबले 30 प्रतिशत से अधिक का मुनाफा हुआ है। इस तरह की व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है और वे सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार से जुड़ रहे हैं।

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जीआई टैग और कलबुर्गी क्षेत्र की पहचान

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मशहूर दाल को साल 2019 में भौगोलिक संकेत यानी GI टैग मिला था। यह खास दाल कर्नाटक के कलबुर्गी क्षेत्र में उगाई जाती है और अपने बेहतरीन स्वाद तथा उच्च गुणवत्ता के लिए पूरी दुनिया में पहचानी जाती है। कर्नाटक राज्य हमेशा से अपनी दालों की खेती और शुष्क भूमि की कृषि के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह दाल उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ने से यहां के लोगों को लगातार काम और मुनाफा दोनों मिलेगा।

किन बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ झंडी दिखाकर रवाना

इस विशेष कार्यक्रम के दौरान कई बड़े सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस खेप को हरी झंडी दिखाने का काम APEDA के अध्यक्ष Abhishek Dev, IAS ने किया। उनके साथ कार्यक्रम में Tarun Bajaj, Vinita Sudhanshu, SV. Sadashiva और मैसूर की कंपनी M/s Silken Global Exports and Imports के प्रतिनिधि Imran Pasha भी उपस्थित थे। इस पूरी खेप को मैसूर की इसी कंपनी और उसके एफपीओ-आधारित ब्रांड के जरिए समुद्र के रास्ते मालदीव भेजा गया है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी

इस बड़ी उपलब्धि पर देश के केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि कर्नाटक की जीआई-टैग वाली प्रीमियम दाल अब मालदीव पहुंच रही है और इससे हमारे मेहनती किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी फसल का तीस प्रतिशत से ज्यादा दाम मिल रहा है। इस कदम से आने वाले दिनों में भारत के अन्य क्षेत्रीय उत्पादों के लिए भी विदेशों में रास्ते खुलेंगे और किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी होती रहेगी।

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