गल्फ में मिसाइल और ड्रोन हमलों से भारतीय प्रवासी खतरे में, रियाद एयरपोर्ट हादसे में हैदराबाद का शख्स मारा गया

रियाद: गल्फ देशों में जारी तनाव और मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ गया है। इस बीच फ्लाइट्स के रद्द होने से भी लोग परेशान हैं। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हैदराबाद के मेहदीपटनम के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल थे।
मोहम्मद यूसुफ अली पिछले दस साल से रियाद में रह रहे थे। वह अपनी पत्नी समीरा, बेटों अमन और वसी, बेटी मरियम और एक चाची के साथ मदीना जाने वाली फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इस हमले में उनके बेटे अमन को घुटने की सर्जरी करानी पड़ी और वसी की तीन उंगलियां कट गईं। पत्नी और बेटी को मामूली चोटें आई हैं। रियाद में हुए उनके अंतिम संस्कार में भारतीय राजदूत विपुल शामिल हुए। दो अन्य भारतीय अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं।
समुद्री रास्तों पर भी हमले जारी हैं। 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरेज के पास निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ। जहाज पर मौजूद 11 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से नौ को बचा लिया गया, लेकिन कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव अब भी लापता हैं। ओमान कोस्ट गार्ड उनकी तलाश कर रहा है।
शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एमटी वैल्थेरा और 16 अक्टूबर को एमटी एसटी 3 पर हुए हमलों में भारतीय चालक दल सुरक्षित बच गए। इसके अलावा, 13 अक्टूबर को जिज़ान में एक क्रेन हादसे में तेलंगाना के 27 वर्षीय कशिरेड्डी राकेश की मौत हो गई। दुबई के दक्षिणी हिस्से में मलबे गिरने से कुछ भारतीयों को मामूली चोटें आई हैं।
उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा ने रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए अपनी उड़ानों के निलंबन को 24 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। 9 से 25 अक्टूबर के बीच यात्रा करने वाले यात्री 10 नवंबर तक मुफ्त तारीख बदल सकते हैं, अन्य जीसीसी स्टेशनों से रीबुक कर सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने 16 अक्टूबर को कहा कि जीसीसी में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तावित सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क का भी जिक्र किया। शिपिंग मंत्रालय ने 17 अक्टूबर को पुष्टि की कि अब तक 964 नाविकों को वापस लाया जा चुका है।
राजदूत विपुल ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों को सलाह दी है कि वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हमलों के वीडियो न बनाएं और दूतावास की हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें। वहीं, 16-17 अक्टूबर को ओमान में 'लोकायन-26' पहल के तहत भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुदर्शनी ने 500 से अधिक प्रवासी भारतीयों की मेजबानी की।