ओमान तट पर MSV Al Jusufi जहाज पर हमला, एक भारतीय की मौत, 13 क्रू सदस्य बचाए गए
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट पर हमले में एक भारतीय की मौत। सऊदी अरब में ड्रोन हमलों और समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ा।

मस्कट/रियाद: खाड़ी देशों में जारी क्षेत्रीय संघर्ष ने अब गंभीर रूप ले लिया है, जिससे समुद्री व्यापारिक मार्गों और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में ओमान के तट पर MSV Al Jusufi नामक जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय की जान चली गई, जबकि 13 अन्य चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस व्यापक संघर्ष के कारण अब तक कुल 23 भारतीयों की मौत हो चुकी है। फरवरी 2026 में इस तनाव में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके बाद से स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
सऊदी अरब की सीमा के पास और उसके हवाई क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। हूतियों ने दम्माम और जिज़ान को निशाना बनाने के लिए ड्रोन लॉन्च करने की घोषणा की है।
सऊदी गठबंधन ने बताया कि उन्होंने इन खतरों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है। मक्का क्षेत्र के ऊपर भी रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए हमलों को रोका गया है।
इस अस्थिरता का सीधा असर शिपिंग इंडस्ट्री पर पड़ा है, जिससे रिस्क प्रीमियम बढ़ गया है। इसके अलावा बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर देरी की संभावना बनी हुई है, जिससे प्रवासी समुदायों में मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी के बड़े शहरी केंद्र तो स्थिर हैं, लेकिन समुद्री रास्तों के महत्वपूर्ण पॉइंट्स (चोकपॉइंट्स) पर खतरा ज्यादा है। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी लाखों भारतीय औद्योगिक और समुद्री श्रमिकों पर पड़ रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि तनाव कम करने के लिए चल रही बातचीत का क्या नतीजा निकलता है। फिलहाल अधिकारियों ने प्रवासी श्रमिकों को अपने संबंधित मिशनों में पंजीकरण कराने और सरकारी अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।