गल्फ में तनाव बढ़ा: सऊदी अरामको फैसिलिटी पर हमला, यमन में बड़ा सैन्य अभियान

गल्फ क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में रियाद के दक्षिण में स्थित सऊदी अरामको (Aramco) की एक फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है। हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए अरामको फैसिलिटी और खुरीस फील्ड क्षेत्र पर हमला किया। हालांकि, सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने रियाद में हमले के दावों को 'भ्रामक' बताते हुए खारिज कर दिया है और सऊदी अधिकारियों ने अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
वहीं, असिर क्षेत्र के अहद रफिदा में एक इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई प्रवासी घायल हो गया और कुछ नागरिक वाहनों सहित एक प्रार्थना कक्ष को नुकसान पहुंचा है।
यमन में भीषण युद्ध और समुद्री अस्थिरता
दूसरी तरफ, यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने रियाद से एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हूती कब्जे वाले इलाकों, विशेष रूप से बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास लाल सागर तट को वापस पाने के लिए एक पूर्ण सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इस संघर्ष का असर बेहद घातक रहा है, जहां ताइज के पास एक ही दिन में 70 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। सरकारी सूत्रों के अनुसार 34 सैनिक मारे गए, जबकि हूती विद्रोहियों ने अपने 39 लड़ाकों के मारे जाने की बात कही है।
यमन सरकार के प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नज़िली ने दावा किया कि गठबंधन बलों ने 97 सटीक ऑपरेशन चलाए, जिनमें 260 हूती लड़ाके मारे गए और 44 सैन्य वाहन नष्ट हुए। हालांकि, हूती प्रवक्ता ने इन दावों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने सऊदी बलों को पीछे धकेल दिया है और सना, अल-जौफ और ताइज में अपने हमले जारी रखे हैं।
समुद्री सुरक्षा की बात करें तो स्थिति काफी चिंताजनक है। UKMTO ने रिपोर्ट किया है कि ओमान के पास और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के भीतर दो टैंकरों पर हमले हुए हैं। कुवैत के झंडे वाले टैंकर MT Kazimah III पर हुए हमले के बाद पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित ओमान पहुंचाया गया। इस बीच, ईरान ने संकेत दिए हैं कि जब तक अमेरिका जून के इस्लामाबाद समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता, होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बना रहेगा।
इस पूरे तनाव का असर वैश्विक बाजारों और विमानन सेवाओं पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया और फ्लाईदुबई (flydubai) ने इजरायल सेवाओं को निलंबित कर दिया है, जबकि एयर अरबिया ने कई क्षेत्रीय उड़ानें रद्द की हैं। फिलहाल, अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी कतर और सऊदी अरब का दौरा कर रहे हैं, और रियाद में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के रक्षा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है।