ओमान में होगी अहम बैठक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज संकट को लेकर ईरान और खाड़ी देश करेंगे चर्चा.

Aanya11 September 20263 min read25 viewsOman
ओमान में होगी अहम बैठक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज संकट को लेकर ईरान और खाड़ी देश करेंगे चर्चा.

फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच ओमान की राजधानी में एक बहुत बड़ी बैठक होने जा रही है। GCC यानी खाड़ी सहयोग परिषद के सभी देशों के विदेश मंत्री और ईरान के प्रतिनिधि 14 सितंबर 2026 को ओमान के सलालाह शहर में आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे। इस मीटिंग का मुख्य मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से जहाजों की आवाजाही को फिर से सामान्य बनाने के लिए एक अस्थायी समझौते पर पहुँचना है, क्योंकि इन दिनों इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा प्रभावित हो गई है और व्यापारिक गतिविधियां थम सी गई हैं।

ईरान और ओमान के बीच लगातार जारी है बातचीत

तेहरान और मस्कट के बीच पिछले कुछ हफ्तों से लगातार कूटनीतिक बातचीत चल रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीते 8 सितंबर को यह जानकारी दी थी कि वार्ताओं में काफी प्रगति हुई है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने 11 सितंबर 2026 को कड़ी चेतावनी दी थी कि उनका देश आर्थिक घेराबंदी का जवाब देने के लिए फारस की खाड़ी में एक मैरीटाइम एक्सक्लूजन जोन यानी समुद्री प्रतिबंध क्षेत्र बनाएगा। साथ ही, ईरान की योजना एक नए शिपिंग कॉरिडोर के लिए नक्शे जारी करने की भी है।

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ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को पहले अनुमति लेनी होगी और साथ ही सर्विस फीस चुकानी होगी। तेहरान का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपने तेल प्रतिबंधों को पूरी तरह से नहीं हटाता, ईरान के जमे हुए फंड को वापस नहीं करता और अपनी नौसेना की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा।

समुद्री रास्ते पर लगातार मंडरा रहा है खतरा

यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हो रही है जब इस इलाके में सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। पिछले 11 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया था कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में अमेरिका के एक मानवरहित ड्रोन जैसे पोत को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी तरफ, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि ओमान के तट के पास दो जहाजों पर मिसाइल या अन्य चीजें गिरी हैं। इन लगातार हमलों और धमकियों की वजह से समुद्री ट्रैफिक बहुत ज्यादा गिर चुका है। 9 सितंबर को इस जलडमरूमध्य से केवल सात जहाज ही गुजर पाए, जबकि पिछले दस दिनों का औसत चौदह जहाजों का था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है हलचल

दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि 7 सितंबर को गुप्त रूप से खदान हटाने के अभियानों के बाद यह जलमार्ग पूरी तरह से खुला हुआ है और अमेरिकी नौसेना के नियंत्रण में है। अमेरिकी प्रशासन ने खाड़ी देशों को ईरान के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत करने को लेकर आगाह किया है। इस बीच, दुनिया के दूसरे देश भी इस मामले में अपनी नजर बनाए हुए हैं। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने 11 सितंबर को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर सुरक्षित आवाजाही को लेकर बात की। खबर है कि सियोल इस क्षेत्र में अपनी सेना भेजने पर भी विचार कर रहा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने 8 सितंबर को जोर देकर कहा था कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज का बिना किसी शर्त के खुलना उनकी पहली प्राथमिकता है और मध्यस्थों के साथ मिलकर नए उपायों पर विचार किया जा रहा है।

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