ओमान में होगी गल्फ देशों और ईरान की बैठक, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के नए समुद्री रास्ते पर होगी चर्चा

Praggya Singh sabal13 September 20263 min read24 viewsOman
ओमान में होगी गल्फ देशों और ईरान की बैठक, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के नए समुद्री रास्ते पर होगी चर्चा

खाड़ी देशों और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक बैठक का आयोजन होने जा रहा है। ओमान की राजधानी में इस अहम बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि पहले इस मीटिंग के स्थगित होने की खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह बैठक तय समय यानी 14 सितंबर 2026 को ओमान के सलालाह में ही आयोजित की जाएगी। इस उच्च स्तरीय बैठक की मेजबानी ओमान कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरने वाले एक नए समुद्री मार्ग को लेकर संभावित समझौतों पर बातचीत करना है। आपको बता दें कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग इस समय तेहरान के द्वारा लगाए गए नाकाबंदी के दायरे में है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।

बैठक में कौन-कौन लेगा हिस्सा और किन देशों ने बनाई दूरी

इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक में ईरान, इराक और पांच अन्य खाड़ी देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। हालांकि, इस समिट में बहरीन ने साफ तौर पर हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। बहरीन सरकार ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ उनके कूटनीतिक रिश्ते पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। वहीं दूसरी ओर, इस बैठक में अमेरिका की तरफ से कोई भी शामिल नहीं हो रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने निजी तौर पर यह संकेत दिया है कि वे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर चर्चा करने के बजाय तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मामलों को बातचीत में प्राथमिकता देना चाहते हैं।

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नया समुद्री मार्ग और अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम संगठन की योजना

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने जानकारी दी है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा एक नए समुद्री रास्ते का प्रस्ताव रखना है। इस नए रूट के समर्थन में नक्शे और एक संयुक्त बयान तैयार किया गया है, जिसे ईरान और ओमान ने मिलकर अंतिम रूप दिया है। इस प्रस्ताव को रजिस्ट्रेशन के लिए इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) के पास भेजा जाएगा। अब्बास अरागची ने इस बात पर जोर दिया कि इन चर्चाओं का यह बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि जलमार्ग को तुरंत खोल दिया जाएगा। ईरान का कहना है कि इस रास्ते को पूरी तरह खोलने की शर्त यह है कि अमेरिका इस्लामाबाद समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को फिर से पूरा करे।

तनाव और सुरक्षा से जुड़े अन्य बड़े मुद्दे

इस बैठक से ठीक पहले माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब 13 सितंबर 2026 को एक हिंसक घटना सामने आई। हंगाम द्वीप के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने से ईरान के एक कंटेनर जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद से भी अलग से बातचीत की। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन मुलाकातों का मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है, लेकिन एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस बैठक में जलमार्ग को लेकर कोई अंतिम और पक्का समझौता होने की संभावना बहुत कम है और यह लंबी बातचीत की प्रक्रिया की केवल एक शुरुआत है।

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