AI इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बन रहा गल्फ रीजन, सऊदी और यूएई की बड़ी तैयारी
सऊदी अरब और यूएई अपनी ऊर्जा क्षमता के दम पर दुनिया के बड़े AI डेटा सेंटर हब बन रहे हैं। जानें क्या है इनका मेगा प्लान।

खाड़ी क्षेत्र: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटिंग की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच गल्फ रीजन अब दुनिया के लिए एनर्जी-इंटेंसिव AI इंफ्रास्ट्रक्चर का मुख्य केंद्र बनकर उभर रहा है। बिजली की निरंतर उपलब्धता अब भविष्य के कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सबसे बड़ा पैमाना बन गई है, जिसमें खाड़ी देश अपनी प्रचुर ऊर्जा संसाधनों के कारण रणनीतिक बढ़त बना चुके हैं।
सऊदी अरब खुद को डेटा सेंटर विकास के लिए अमेरिका के एक प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। सीमेंस एनर्जी के सीईओ क्रिश्चियन ब्रुच ने 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि सऊदी अरब अपने उन्नत पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और 2030 के विस्तार लक्ष्यों की वजह से डेटा सेंटर्स को तेजी से बिजली मुहैया करा सकता है।
पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड द्वारा समर्थित सऊदी अरब के 'HUMAIN' प्रोजेक्ट का लक्ष्य 2030 तक 1.9 गीगावाट (GW) क्षमता हासिल करना है। अनुमान है कि 2034 तक यह क्षमता बढ़कर 6 GW से 6.6 GW तक पहुंच जाएगी। इसी कड़ी में सितंबर 2026 में नेशनल ग्रिड SA ने रियाद में एक HUMAIN डेटा सेंटर सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति समझौता पूरा किया है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इस दौड़ में आगे है। G42 ग्रुप के मुख्य कार्यकारी पेंग जिओ ने 26 अक्टूबर 2026 को कहा कि देश अपनी ऊर्जा विश्वसनीयता का उपयोग करके ऊर्जा निर्यातक से 'इंटेलिजेंस' के वैश्विक निर्यातक के रूप में बदल रहा है।
अबू धाबी वर्तमान में 5 GW तक की डेटा सेंटर क्षमता की योजना बना रहा है, जिसमें 5 GW का UAE-US AI कैंपस शामिल है। इसके तहत 'स्टारगेट' प्रोजेक्ट का पहला 1 GW चरण अगले तीन वर्षों के लिए तय किया गया है। साथ ही, सरकारी तकनीक फर्म MGX ने जुलाई 2026 में सेमीकंडक्टर्स और पावर क्षमता में निवेश के लिए 49 अरब डॉलर का अपना पहला फंड बंद किया है।
माइक्रोसॉफ्ट ने भी यूएई के भीतर सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड क्षेत्रों के विस्तार के लिए 2029 तक 55.8 अरब दिरहम देने की प्रतिबद्धता जताई है। यूएई ने 8 अक्टूबर 2026 को 'क्रॉसकरेंट्स: नेविगेटिंग द AI-वॉटर-एनर्जी नेक्सस' नामक रिपोर्ट जारी कर AI ऑपरेशंस में पानी की खपत कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर जोर दिया है।
कतर ने भी इस क्षेत्र में कदम रखा है। दिसंबर 2025 में कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के तहत राष्ट्रीय AI इकाई 'Qai' की स्थापना की गई। सॉवरेन फंड ने ब्रुकफील्ड के साथ 20 अरब डॉलर के संयुक्त उद्यम की प्रतिबद्धता जताई है, जिसका शुरुआती लक्ष्य 300 मेगावाट (MW) है, जिसे बढ़ाकर 1.5 GW किया जा सकता है।
S&P ग्लोबल रेटिंग्स के मुताबिक, 2030 तक गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की डेटा सेंटर क्षमता लगभग तीन गुना बढ़कर 3 GW से अधिक होने की उम्मीद है। इस कुल वृद्धि में यूएई और सऊदी अरब की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है।