गल्फ क्षेत्र में भीषण संघर्ष: सऊदी हवाई अड्डों और तेल टैंकरों पर हुए हमले

Gautam Sahu8 October 20262 min read0 viewsWorld
गल्फ क्षेत्र में भीषण संघर्ष: सऊदी हवाई अड्डों और तेल टैंकरों पर हुए हमले

गल्फ क्षेत्र में अस्थिरता अब एक खतरनाक मोड़ ले चुकी है। नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। हालिया घटनाओं में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं, जबकि कतर के पास एक तेल टैंकर पर हुए प्रोजेक्टाइल हमलों में कई लोग हताहत हुए हैं। इस तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

हवाई अड्डों पर हमले और भारी जनहानि

सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए। यूएई विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मृतकों में मोरक्को, अल्जीरिया और सूडान के नागरिक शामिल हैं।

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हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने किंग खालिद इंटरनेशनल, अब्हा, खमीस मुशायत के किंग खालिद एयर बेस और नजरान व असिर के इलाकों में हमलों की जिम्मेदारी ली है। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका और सादा, होडेइदा, अल-जौफ और मारिब में 82 हूती सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। गठबंधन के मेजर-जनरल तुर्की अल-मालिकी ने चेतावनी दी है कि नागरिक संपत्तियों पर हमले बिना सजा के नहीं रहेंगे।

समुद्री क्षेत्र में भी हालात गंभीर हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि बुधवार को मदीनत अल शमाल के उत्तर में एक टैंकर पर हमला हुआ। इससे पहले ओमान के तट पर पनामा ध्वज वाले MT ऑन पीस पर हुए हमले में 17 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 11 घायल हो गए थे, जिन्हें खसाब ले जाया गया।

तनाव के बीच ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लिए नए नेविगेशन कोऑर्डिनेट्स की घोषणा की है, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि व्यावसायिक यातायात अभी भी जोखिम में है।

इस संकट का आर्थिक प्रभाव भी गहरा है। यूएई में ईंधन की कीमतें 11.6 से 16.6 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। विमानन क्षेत्र में भी भारी उथल-पुथल है; एयर फ्रांस ने 24 अक्टूबर तक दुबई और रियाद की उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जबकि कैथे पैसिफिक ने 31 जनवरी 2027 तक अपनी सेवाएं रोक दी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने, ईरान के परमाणु विकास को रोकने और सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के साथ मिलकर सामूहिक रक्षा प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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